15 से 20 सीटों पर जताया दावा, सभी दलों को लिखा पत्र
चंडीगढ़। प्रदेश के सिखों ने राजनीति में अपनी भागीदारी मांगी है। इसके लिए सिख समाज की ओर से करनाल में आठ सितंबर को एक प्रदेशस्तरीय सम्मेलन होगा। सम्मेलन के माध्यम से सिख समाज प्रदेश की 15 से 20 विधानसभा सीटों पर दावा ठोकेगा। साथ ही सभी पार्टियों से सिख समाज के लोगों को टिकट देने की अपील की जाएगी। सिख समाज ने फैसला लिया कि जो भी दल सिखों को अधिक राजनीतिक भागीदारी देगा, समाज उसी का समर्थन करेगा।
हरियाणा सिख एकता दल की ओर यहां प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में इसका ऐलान किया गया। दल के पदाधिकारी प्रीतपाल सिंह पन्नू ने कहा कि 1966 के बाद से आज तक किसी भी दल ने सिखों का भला नहीं किया, बल्कि उनको आपसी विवादों में उलझा कर रखा और राजनीतिक भागीदारी से दूर रखा। इस बार समाज के लोगों को जागरूक किया गया है, ताकि उनकी भागीदारी राजनीति में बढ़े।
उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में 18 लाख से अधिक सिख मतदाता हैं, लेकिन उनको अलग-अलग जातियों में बांटने से समाज के लोग एकजुट नहीं हो पाए। पन्नू ने कहा कि प्रदेश की 15 से अधिक ऐसी विधानसभा सीटें हैं, जहां पर सिख समाज का अधिक प्रभाव है। इसलिए यहां पर समाज के लोगों को ही टिकट दी जाए। अगर कोई सीट रिजर्व हो तो ऐसी सीट पर रिजर्व सिख जैसे मजहबी, रामदासिया, शिक्लीघर, राय सिख आदि को टिकट दी जाए। एकता दल ने मांग की कि अगली लोकसभा में सिख समुदाय के दो प्रतिनिधियों को टिकट मिले व राज्य सभा में भी हरियाणा के सिख समाज को प्रतिनिधित्व दिया जाए।
कंगना रनौत की इमरजेंसी फिल्म पर लगे रोक
सिख एकता दल के पदाधिकारियों ने मांग की कि कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई जानी चाहिए, क्योंकि इसमें सिख समाज को गलत तरीके से पेश किया गया है। इससे समाज पर गलत असर पड़ता है। साथ ही मांग रखी कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की वोटें अन्य चुनावों की वोटों की तरह बीएलओ नियुक्त कर घर-घर जाकर बनाई जाए व गुरुद्वारा कमेटी के चुनाव तुरंत करवाए जाए। राज्य में अल्पसंख्यक आयोग का गठन कर पंजाबी साहित्य अकादमी को पहले की तरह स्वतंत्र प्रभार दिया जाए ताकि पंजाबी भाषा के विकास के कार्य हो सकें। सिख आबादी वाले सभी जिलों में सिख कम्युनिटी सेंटर बनाने के लिए सरकारी स्थान व अन्य जातियों को दी गई ग्रांट की तर्ज पर ग्रांट दी जाए।