शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ को फिर विरोध का सामना करना पड़ा। उनके बोलते ही संगत उठकर चल दी। उसके बाद संगत ने जमकर हंगामा किया। हंगामे के कारण श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार गुरबचन सिंह भी कौम के नाम संदेश नहीं दे सके।
शहीदी जोड़ मेल के दौरान नगर कीर्तन की समाप्ति के बाद जैसे ही गुरुद्वारा श्री ज्योति स्वरूप के बाहर मक्कड़ बोलने लगे तो संगत खड़ी हो गई और हंगामा कर दिया। संगत से आवाज आ रही थी कि ‘हमने कोई पिक्चर बार नहीं देखना, हम आपकी जगह पर भाई पिंदरपाल सिंह को देखना चाहते हैं’।
संगत ने बोले सो निहाल के जयकारे लगाने शुरू कर दिए। महिला श्रद्धालुओं ने भी हाथ खड़े करके मक्कड़ के बोलने पर विरोध किया और कई लोगों ने काले कपड़े हवा में लहराए। इस दौरान मक्कड़ साहिबजादों की शहीदी के बारे में संगत को बता रहे थे।
चार मिनट तक चले इस विरोध के दौरान पंडाल मक्कड़ मुर्दाबाद के नारों से गूंज उठा। इस विरोध के कारण श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह भी कौम के नाम संदेश नहीं दे पाए। विरोध के बाद अवतार सिंह मक्कड़ को मैनेजर के दफ्तर में बिठाया गया।
पुलिस के उच्च अधिकारियों से मीटिंग करने के बाद मक्कड़ वहां से भारी सुरक्षा के बीच रवाना हो गए। 25 दिसंबर को मक्कड़ गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब के ठंडा बुर्ज गुरुद्वारा साहिब के पास पंडाल में आयोजित सफर-ए-शहादत के आखिरी दीवान के मौके पर बतौर मुख्यातिथि गए थे। वहां भी उनके बोलने पर संगत ने तीखा विरोध किया था।