पंजाब के एक नामी अस्पताल के कर्मचारी को विजिलेंस ब्यूरो ने 10 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा है। आरोपी ने शिकायतकर्ता से उसके परिवार वालों की मेडिकल रिपोर्ट में फेरबदल करने के लिए रिश्वत मांगी थी। आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ने विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
शिकायतकर्ता गगनदीप सिंह निवासी गांव उधमपुर खुडा जिला पटियाला के पिता सुरजीत सिंह और ताया जरनैल सिंह का 12 दिसंबर 2015 को राजपुरा रोड पर ट्रक यूनियन के पास किसी के साथ झगड़ा हो गया था। काफी चोटें लगने के कारण बाद में शिकायतकर्ता ने दोनों को राजिंदरा अस्पताल में दाखिल करा दिया।
इसी दौरान वार्ड अटेंडेंट परमिंदर सिंह ने शिकायतकर्ता को कहा कि वह विरोधी पार्टी की मेडिकल रिपोर्ट में धारा 326 आईपीसी से बदलवाकर धारा 323, 324 आईपीसी और उनकी धारा 325 आईपीसी कराकर देगा ताकि उसके पिता और ताया का केस मजबूत हो जाए। इसके एवज में वार्ड अटेंडेंट ने शिकायतकर्ता से 60 हजार रुपये मांगे।
बाद में सौदा 25 हजार रुपये में तय हो गया। इसमें से 15 हजार रुपये शिकायतकर्ता ने वार्ड अटेंडेंट को दे दिए। इसी दौरान गगनदीप सिंह ने इस बारे में विजिलेंस ब्यूरो को शिकायत कर दी। सोमवार को रिश्वत के बकाया 10 हजार रुपये लेते हुए वार्ड अटेंडेंट को विजिलेंस ब्यूरो ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
ब्यूरो ने आरोपी से रिश्वत के पैसे शेडो गवाह हरविंदर सिंह निवासी गांव उधमपुर खुडा और दो सरकारी गवाहों राकेश शर्मा एई दफ्तर कार्यकारी इंजीनियर देवीगढ़ मंडल महकमा सिंचाई विभाग और सरबजीत शर्मा उपमंडल क्लर्क दफ्तर कार्यकारी इंजीनियर देवीगढ़ मंडल महकमा सिंचाई विभाग पटियाला की हाजिरी में बरामद किए।