नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते सिख संस्थाओं के सदस्य।
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अमृतपाल के साथियों की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार को बठिंडा में दल खालसा और शिअद मान के बैनर तले सिख संस्थाओं ने गुरुद्वारा हाजी रत्न से एक रोष मार्च निकाला। इस दौरान गिरफ्तार युवकों को रिहा करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य एवं केंद्र सरकार सिखों पर अत्याचार कर रही है। अमृतपाल पंजाब के युवाओं को नशे की दलदल से बाहर निकालता था। यही वजह है कि वह सरकारों को चुभता था।
दल खालसा का नेतृत्व कर रहे बाबा हरदीप सिंह ने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार की अमृतपाल व उसके साथियों पर की गई कार्रवाई पंजाब के काले दौर की याद दिलाती है। पंजाब में 1984 में भी ऐसे ही सिखों पर सरकारी अत्याचार किया गया था। बाबा हरदीप ने कहा कि अमृतपाल सिंह सिखों के हक और युवाओं को नशे की दलदल से बाहर निकालने की बात करता था और निकाला भी है लेकिन राज्य और केंद्र सरकार को यह सही नहीं लगा। सिर्फ इसी बात पर अमृतपाल और उसके साथियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है।
रोष मार्च निकाल रहे सिख संस्थाओं के प्रतिनिधियों को भारी पुलिस फोर्स ने हाजी रत्न चौक पर रोक लिया। वहीं पर पहुंचे तहसीलदार ने सिख संस्थाओं के प्रतिनिधियों से एक मांग पत्र भी हासिल किया। शिअद मान की तरफ से इस मार्च में शामिल परमिंदर सिंह बालियांवाली ने कहा कि अगर राज्य एवं केंद्र सरकार का रवैया सिखों प्रति ऐसा ही रहा तो आने वाले दिनों में वो एक बड़ा रोष मार्च करेंगे। इसके अलावा उन्होंने मांग की है कि अमृतपाल के पकड़े गए साथियों को सरकार बिना शर्त रिहा करें।