बेअदबी कांड पर सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट के विरोध में सोमवार को राज्य की 20 से ज्यादा सिख जत्थेबंदियों के कार्यकर्त्ता चंडीगढ़ आ रहे थे। भारी संख्या में चंडीगढ़ और मोहाली पुलिस वहां मौजूद थी। यूटी और पंजाब की सीमा पर बैरिकेड लगाकर जत्थेबंदियों के कार्यकर्त्ताओं को चंडीगढ़ में प्रवेश करने से रोक दिया गया।
कार्यकर्त्ताओं ने जब बैरिकेड पार करने की कोशिश की तो चंडीगढ़ पुलिस ने पानी की बौछार कर उन्हें खदेड़ दिया। इसके बाद एक बार फिर से इन लोगों ने आगे बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़। पुलिस की कार्रवाई के विरोध में जत्थेबंदियों ने वहीं धरना शुरू कर दिया।
पुलिस कार्रवाई में जत्थेबंदियों के 4 कार्यकर्त्ताओं को मामूली चोटें आईं हैं। इसके बाद जत्थेबंदियों के पांच नुमाइंदों सुखजीत सिंह खोसा, मास्टर संतोख सिंह, वसाखा सिंह, हरप्रीत सिंह मक्खू व सुरजीत सिंह क्याली ने चंडीगढ़ के सीबीआई कार्यालय जाकर मांग पत्र सौंपा। तब तक कार्यकर्त्ताओं का धरना चलता रहा।
मांग पत्र देकर लौटने के बाद धरने को संबोधित करते हुए सुखजीत सिंह खोसा ने बताया कि सीबीआई के एक एसपी रैंक के अधिकारी ने उनसे मांगपत्र लिया। खोसा सहित जत्थेबंदियों के दूसरे नेताओं ने कहा कि बेअदबी के आरोपी मोहिंदर पाल बिट्टू की मौत के बाद सरकार की शह पर सीबीआई इस मामले को खत्म करना चाहती है।
इन लोगों का आरोप था कि हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनाव में राजनीतिक लाभ लेने के लिए ऐसा किया जा रहा है। खोसा ने कहा कि सीबीआई सही रिपोर्ट पेश करे और बेअदबी के दोषियों को जेल में डाला जाए। खोसा ने सोमवार को पुलिस कार्रवाई में घायल हुए लोगों से किसी तरह की कार्रवाई न करने को कहा। उन्होंने कहा कि मेडिकल करवाने से लेकर कानूनी कार्रवाई करने तक का फैसला जत्थेबंदियां सांझे तौर पर लेंगी।