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पवित्र ग्रंथ की बेअदबी पर विवाद और बवाल, 6 साइड इफेक्ट

Mon, 19 Oct 2015 08:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर/नवांशहर/होशियारपुर/लुधियाना
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पंजाब में पवित्र ग्रंथ की बेअदबी पर विवाद और सिखों में गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। इसके कई बड़े साइड इफेक्ट देखने को मिल रहे हैं। जैसे बेअदबी के विरोध में बाबा बकाला साहिब के कांग्रेस विधायक रमनजीत सिंह सिक्की ने त्यागपत्र दे दिया है।
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इसके अलावा एसजीपीसी के जनरल सेक्रेटरी सुखदेव सिंह भौर और नवांशहर से एसजीपीसी सदस्य महिंदर सिंह हुसैनपुरी ने शिअद छोड़ दिया।

वहीं लुधियाना के गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब के प्रधान प्रीतपाल सिंह पाली की पत्नी और एसजीपीसी सदस्य राजिंदर कौर और संत चरणजीत सिंह जस्सोवाल ने भी अपने पद से इस्तीफे दे दिए।

विधानसभा अध्यक्ष को ईमेल से भेजे त्यागपत्र में सिक्की ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र के गांव बाठ में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान की जो घटना हुई है, उससे वह काफी आहत हैं। वे अपने क्षेत्र और पंजाब में पैदा हुए हालात को ठीक कर पाने में बेबस महसूस कर रहे हैं।
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इसी कारण वे विधानसभा का हिस्सा बनकर नहीं रहना चाहते। सच्चा गुरु का सिख होने के नाते नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने विधायक पद से त्यागपत्र देते हैं। नवांशहर से एसजीपीसी के जनरल सेक्रेटरी सुखदेव सिंह भौर ने शिअद से इस्तीफा दे दिया है।

भौर एसजीपीसी के कार्यकारी प्रधान भी रह चुके हैं और फिलहाल अकाली दल की राजनीतिक मामलों की कमेटी के सदस्य हैं। भौर ने कहा कि प्रदेश में आए दिन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूप की बेअदबी हो रही है और सरकार इसे रोकने में नाकाम है।

वहीं यूपी से एसजीपीसी के नामित सदस्य संत चरणजीत सिंह जस्सोवाल ने पद से इस्तीफे देने की घोषणा करते हुए कहा कि एसजीपीसी गुरु ग्रंथ साहिब के मान सम्मान को संभाल नहीं सकी। उन्होंने कहा कि सिख के लिए गुरु से ऊपर कोई भी ओहदा तुच्छ है, इसलिए वह अपना त्यागपत्र दे रहे हैं।

अमृतसर में बारात को 14 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा

सिख संगतों के आंदोलन के कारण अब लोगों को खासी दिक्कतें होने लगी है। रविवार को फिरोजपुर से एक बारात करीब 14 किलोमीटर पैदल चलकर दुल्हन के घर पहुंची। हरिके हेड पर सिख संगतों के 72 घंटे से चल रहे आंदोलन के कारण यातायात ठप पड़ा है।

एक बारात गांव लोहके कलां से पैदल चल कर हरिके हेड पर पहुंची। वहां पर जाम लगा था। एक बाराती ने हाथ जोड़ कर सिख संगतों से रास्ते के लिए गुहार की। इस पर उन्हें रास्ता दे दिया गया। बारात पट्टी के गांव बुर्ज जानी थी।

बारात भी नहीं जाने दी
ब्यास और इसके आसपास के गांवों की सिख संगत ने अमृतसर-जालंधर जीटी रोड पर जाम लगा कर प्रदर्शन किया। इस से सबसे अधिक मुश्किल बारातियों को आई। रविवार को बड़ी संख्या में लोगों के विवाह थे।

प्रदर्शनकारियों ने तो बारातों को भी जाने नहीं दिया सुबह से लेकर देर शाम तक प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते रहे। प्रदर्शनकारियों ने ब्यास दरिया की पुलिया के पास धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने पेड़ काटकर सड़क पर फेंक दिए।

बरनाला में दशहरा न मनाने का फैसला

दशहरा कमेटी महिलकलां ने इस बार दशहरा न मनाने का फैसला किया है। कमेटी के चेयरमैन कमिक्कर सिंह सोढे, अध्यक्ष अजमेर सिंह भट्ठल, उपाध्यक्ष गुरप्रीत सिंह चीना, मुख्य-सलाहकार स्वर्ण सिंह, महासचिव गुरसेवक सिंह सहोता, वाइस चेयरमैन सर्वजीत सिंह और सचिव गुरप्रीत सिंह सहोता ने यह जानकारी दी।

अमृतसर में डीएमयू रद्द कर दी गई
फरीदकोट के बाद तरनतारन में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के विरोध में अमृतसर से खेमकरण डीएमयू रविवार को भी नहीं चली। शनिवार को जब अमृतसर स्टेशन से डीएमयू रवाना हुई तो भगतावाला के पास सिखों ने फाटक के पास गाड़ी को रोक दिया। देर रात उसे अमृतसर स्टेशन वापस भेज दिया गया।

80 वर्षीय हरभजन कौर ने बताया कि वह दो दिन पहले श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने अकेली आई थी। आज खेमकरण वापस जाना था। जब स्टेशन पहुंची तो पता चला कि ट्रेन को रद्द कर दिया गया। वहीं यात्री हरजाप सिंह (18), बलविंदर सिंह (19) और सरताज सिंह (21) आर्मी के ट्रायल देने के बाद अपने गांव सरीयाली लौटना था, उन्हें बस से जाना पड़ा।

बरनाला में सीपीएस और एसजीपीसी सदस्य का बायकाट

कस्बा महिलकलां में चल रहे सिख संगतों के धरने में पहुंचे सिख प्रचारक हरजीत सिंह ढपाली ने कहा कि वह अन्य सिख प्रचारकों का संदेश लेकर धरने में पहुंचे हैं।

सिख प्रचारकों ने संदेश भेजा है कि क्षेत्र के दो शिरोमणि कमेटी सदस्यों ने अपनी ड्यूटी नहीं निभाई। इनमें एक शिरोमणि कमेटी सदस्य संत बलवीर सिंह घुंनस हैं जो मुख्य संसदीय सचिव भी हैं। घुंनस ने इस मामले में अपनी ड्यूटी नहीं निभाई, वह धरने में न आएं। इसी तरह शिरोमणि कमेटी सदस्य संत दरबार सिंह छीनीवाल भी अपनी जिम्मेदारी से भागे हैं।

ढपाली ने सिख संगतों के हाथ खडे़ करवाकर शिरोमणि कमेटी सदस्य संत बलवीर सिंह घुंनस और संत दरबार सिंह छीनीवाल का बायकाट करवाया। वहीं घुंनस और छीनीवाल ने कहा कि वह पूरी तरह संगत के साथ हैं और अपनी ड्यूटी निभाते हुए कथित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सरकार पर दबाव बनाए हुए हैं।
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लुधियना में एसजीपीसी प्रधान से इस्तीफे की मांग

श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के विरोध में रविवार दोपहर सिख स्टूडेंट फेडरेशन मेहता के पदाधिकारियों की अगुवाई में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ का घर घेरने करने की कोशिश की गई। पुलिस ने उन्हें मॉडल टाऊन स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा से आगे ही जाने नहीं दिया।

सूचना मिलते ही एडीसीपी 3 परमजीत सिंह पन्नू, एसीपी जसकिरत सिंह मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने मक्कड़ से इस्तीफे की मांग की। महासचिव गगनदीप सिंह ने कहा कि अगर एसजीपीसी चाहती तो सरकार पर दबाव बना सकती थी कि वह बेअदबी करने वाले का पता लगा कर उसे गिरफ्तार करे।

मगर एसजीपीसी ने ऐसा कुछ नहीं किया। वहीं रविवार सुबह सिख संगत ने अमृतसर-दिल्ली हाईवे जाम कर दिया। दो घंटे तक प्रदर्शनकारी वहां पर सिमरन करते रहे।
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