सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पाकिस्तान में सिखों के जबरन धर्म परिवर्तन का मुद्दा उठाया है। उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मांग की है कि केंद्र सरकार इसमें दखल दे। इस मामले में पाकिस्तान की अथॉरिटी से बात की जाए। कैप्टन ने ट्वीट करके सुषमा से मदद मांगी।
सीएम ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा राज्य के हंगू जिले में सिख भाईचारे के साथ जबरन धर्म परिवर्तन संबंधी मीडिया रिपोर्ट पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दुनिया का किसी भी हिस्से में सिखों के हितों की सुरक्षा को यकीनी बनाना भारत सरकार का फर्ज बनता है। सिख भाईचारा उस इलाके में एक शताब्दी से भी ज्यादा समय से रह रहा है। उन्होंने जिले के डिप्टी कमिश्नर को इस संबंध में अधिकारिक तौर पर शिकायत भी दी है। कैप्टन ने कहा कि यह बहुत ही गंभीर मसला है।
विशेषकर उस समय, जब एक सरकारी अधिकारी की तरफ से ही जबरन धर्म परिवर्तन करवाने की कथित कार्रवाई का नेतृत्व किया जा रहा हो। उन्होंने कहा कि इस मामले में हस्तक्षेप करना भारत सरकार की जिम्मेदारी बनती है। केंद्र सरकार ऐसी बुरी प्रवृत्ति के खात्मे को यकीनी बनाए। जहां-जहां भी सिख रह रहे हैं, उनकी पहचान की रक्षा करना हमारा फर्ज बनता है। कैप्टन ने कहा कि विदेश मामलों के मंत्रालय द्वारा इस्लामाबाद में उच्च स्तर पर इस मामले की पैरवी की जाए।
ताकि इस धार्मिक जबर का तत्काल अंत किया जा सके। धार्मिक स्वतंत्रता हरेक मानव का अधिकार है। मानवता के हित में हरेक देश द्वारा इसकी रक्षा की जानी चाहिए। सीएम ने कहा कि इस मामले में सुषमा स्वराज का हस्तक्षेप पाकिस्तान में रह रहे सिखों के बुनियादी अधिकारों की रक्षा करने में सहायक होगा।