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देश में पैसा कमाने का अनोखा खेल देखिए, 10 घंटे का काम 30 मिनट में और रिजल्ट...

Mon, 25 Sep 2017 09:04 AM IST
परीक्षित निर्भय/अमर उजाला, नई दिल्ली/चंडीगढ़
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Surgery - फोटो : DEMO PIC
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देश में पैसा कमाने का अनोखा खेल देखिए, 10 घंटे का काम 30 मिनट में करके पैसा कमाया जाता है, लेकिन रिजल्ट की परवाह नहीं की जाती। जबकि रिजल्ट कई बार खतरनाक साबित हो जाता है। बात हो रही है, सिजेरियन डिलीवरी की। इसमें चंडीगढ़ शहर टॉपर पर है। कहते हैं महिला जब बच्चे को जन्म देती है तो यह उसका भी दूसरा जन्म होता है।
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जहां विदेशों में डिलीवरी का बीमा काफी महंगा है, वहीं भारत में इसको लेकर बने नियमों का पालन तक नहीं होता। कई बार दर्द मुक्त डिलीवरी के लिए महिलाएं नॉर्मल डिलीवरी के बजाए सीजेरियन का विकल्प चुनती हैं। कभी-कभी तो बड़े घरों में मुहूर्त के लिए सीजेरियन डिलीवरी को चुना जाता है।

केंद्रीय मंत्रालय ने चिंता जताई, की बड़ी अपील
आलम यह है कि देश में चंडीगढ़ और यूपी के कानपुर जैसे शहरों ने स्थिति को काफी गंभीर बना दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय भी इन सीजेरियन डिलीवरी को लेकर चिंता में है। मंत्रालय की ओर से बार-बार लोगों से अपील की जा रही है कि इस तरह की डिलीवरी से बचें।
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देश में पांचवें नंबर पर दिल्ली
स्वास्थ्य मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक, सीजेरियन डिलीवरी कराने के मामले में दिल्ली देश में पांचवें नंबर पर है। सबसे ऊपर चंडीगढ़ है, जहां सीजेरियन डिलीवरी का आंकड़ा 98.35 फीसदी है। इसके बाद कानुपर (75.98), नागपुर (71.84) और जबलपुर (69.55) फीसदी है।

कमाई का खेल, 10 घंटे का काम 30 मिनट में

Surgery - फोटो : DEMO PIC
नॉर्मल डिलीवरी में कई बार 10 से 15 घंटे तक का समय लग जाता है। इसके उलट सीजेरियन डिलीवरी में 30 से 45 मिनट लगते हैं। इससे डॉक्टरों का समय बचता है। दूसरी ओर, सीजेरियन डिलीवरी की अच्छी फीस मिलती है। प्रसूता को सात से आठ दिन तक भर्ती रहना पड़ता है। इस तरह सीजेरियन डिलीवरी को कमाई का जरिया बना लिया गया है।

यहां होती है सबसे ज्यादा सीजेरियन डिलीवरी     
शहर        सी सेक्शन      सामान्य प्रसव             कुल प्रसव     
चंडीगढ़     239                04                         243     
कानपुर     174                55                         229     
नागपुर     1516                594                      2110
जबलपुर   1124                492                      1616  
दिल्ली      487                 231                      718
गुवाहाटी   125                 69                         194
लखनऊ    219                 223                       442

क्या होना चाहिए औसत

Surgery - फोटो : DEMO PIC
डॉक्टरों के अनुसार डिलीवरी केस में सीजेरियन की संख्या 15 फीसदी होनी चाहिए, जबकि आज के समय में निजी अस्पतालों में 70 फीसदी तक सीजेरियन डिलीवरी हो रही है।  

प्रसव पीड़ा से बचने का विकल्प     
नौकरीपेशा और संपन्न परिवार की महिलाएं आमतौर पर प्रसव पीड़ा से बचना चाहती हैं। इसलिए कुछ महिलाएं सीजेरियन का विकल्प चुन रही हैं। बच्चों के जन्म के लिए भी मनपसंद दिन का चुनाव किया जा रहा है। इसमें जन्माष्टमी और नववर्ष के वक्त की मांग ज्यादा रहती है। कुछ केस में ज्योतिष से समय पूछकर सीजेरियन डिलीवरी कराया जाता है।

सामान्य प्रसव का खर्चा - पांच हजार से 15 हजार     
सीजेरियन डिलीवरी का खर्चा - 20 हजार से 60 हजार तक

 
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इन केस में सीजेरियन की जरूरत

surgery - फोटो : DEMO PIC
- कॉन्ट्रेक्टेड पेल्विस (इस केस में सामान्य प्रसव नहीं हो सकता)
- माल प्रेजेंटेशन (गर्भस्थ शिशु का तिरछा होना)
- टॉक्सीमिया (गर्भवती महिला का ब्लड प्रेशर दवाओं के बाद भी सामान्य न होना)
- प्रसव के दौरान ब्लीडिंग और अन्य कॉम्प्लीकेशन होना
- पहला प्रसव सीजेरियन से होने पर दूसरे के भी इसी तरह होने की संभावना 90 फीसदी होती है।     

सीजेरियन डिलीवरी से होने वाली समस्याएं     
- ऑपरेशन से प्रसव के बाद सामान्य होने में समय लगता है     
- सीजेरियन डिलीवरी के बाद मोटापे की आशंका अधिक रहती है
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