पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मुख्य आरोपी सचिन थापन की अजरबैजान में गिरफ्तारी के बाद उसके साथी अनमोल बिश्नोई को केन्या में गिरफ्तार कर लिया गया है। इन दोनों को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने फर्जी पासपोर्टों के जरिये भारत से बाहर भगा दिया था। सिद्धू मूसेवाला की हत्या की पूरी योजना तैयार करने में सचिन थापन और अनमोल बिश्नोई ने मुख्य भूमिका निभाई थी। उस समय ये दोनों कनाडा में छिपे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के भी लगातार संपर्क में थे। सचिन थापन गैंगस्टर लॉरेंस का रिश्तेदार और अनमोल सगा भाई है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार को बताया कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या के आरोपी सचिन थापन बिश्नोई और अनमोल बिश्नोई विदेश में गिरफ्तार किए जा चुके हैं। सचिन थापन को अजरबैजान में और अनमोल को केन्या में गिरफ्तार किया गया है। अब भारतीय विदेश मंत्रालय दोनों देशों के अधिकारियों से संपर्क कर रहा है, ताकि अगली कानूनी प्रक्रिया को पूरी करके जल्द से जल्द इन दोनों को भारत लाया जा सके।
उल्लेखनीय है कि चंडीगढ़ में गत मंगलवार को पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने जानकारी दी थी कि सचिन थापन को अजरबैजान में गिरफ्तार कर लिया गया है। डीजीपी के अनुसार, थापन पहले दुबई भाग गया था। भारत सरकार और केंद्रीय एजेंसियों के साझा प्रयास से उसे अजरबैजान में खोज लिया गया। इसके साथ ही पंजाब पुलिस को अनमोल बिश्नोई को केन्या में देखे जाने की सूचना मिली थी, जिसकी वहां गिरफ्तारी की गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने पुष्टि कर दी।
सचिन और अनमोल ने ही यह खाका तैयार किया था कि मूसेवाला पर किस तरह हमला किया जाएगा और हमले को कौन-कौन से लोग अंजाम देंगे। यह पूरी रणनीति तैयार होने के बाद लॉरेंस बिश्नोई ने दोनों को फर्जी पासपोर्ट के सहारे विदेश भाग जाने में मदद की, ताकि दोनों सुरक्षित रहें।
सचिन ने जांच भटकाने की भी कोशिश की
सचिन थापन जब विदेश भाग गया, तब उसने विदेश से ही सोशल मीडिया के जरिये यह प्रचारित किया कि सिद्धू मूसेवाला को उसने खुद अपने हाथों से गोली मारी थी। इधर, पुलिस जांच में जुड़ रही कड़ियों के बीच यह साफ हो चुका था कि मूसेवाला पर हमले के समय सचिन थापन घटनास्थल पर मौजूद नहीं था।
जांच अधिकारियों ने पाया कि सचिन थापन हत्याकांड की जांच को भटकाने और जांच अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। इसके बाद पंजाब पुलिस ने गोल्डी बराड़ के अलावा सचिव थापन और अनमोल को विदेश से पकड़कर लाने के लिए केंद्रीय विदेश मंत्रालय को जानकारी दी थी।