पाक में नापाक जफ्फी को लेकर विवादों में घिरे कैबिनेट मंत्री नवजोत सिद्धू ने मंगलवार को इस पर खुल कर सफाई दी। उन्होंने कहा कि पाक सेना प्रमुख को गले लगाना भावुक पलों में एक मानवीय प्रतिक्रिया थी।
अपने सरकारी आवास पर मीडिया से बातचीत में सिद्धू ने अपने चिर-परिचित अंदाज से अलग चार पेज का अपना बयान हिंदी में पढ़ कर सुनाया, फिर सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि पाक जनरल कमर जावेद बाजवा उनके पास आए और कहा कि श्री गुरु नानक देव जी के550वें प्रकाश पर्व पर करतारपुर का रास्ता खोल देंगे। इसके लिए यत्न किए जा रहे हैं। अब कोई जनरल आकर कहे कि करतारपुर का रास्ता खोल दूंगा तो क्या पीठ कर के खड़ा हो जाऊं।
अचानक भेंट पर मेरे भावुक होने को लेकर जो आरोप लगाए गए हैं, उनका बेहद दुख है। सिद्धू ने कहा कि वह पीछे बैठे थे, कार्यक्रम शुरू होने के 15 मिनट पहले प्रोटोकॉल वालों ने आकर कहा कि पहली कतार में बैठना है। मुझे क्या पता था कि आसपास कौन बैठा है। अगर गुडविल मैसेज नहीं है तो बैट देने क्यों गए। दूतावास और फौजियों का हाथ मिलाना बंद कर दो।
Navjot singh sidhu
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अटल बिहारी वाजपेयी दोस्ती का पैगाम लेकर गए, लेकिन जनरल मुशर्रफ ने कारगिल पर हमला कर दिया, 527 जवान मारे गए। पर वाजपेयी ने फिर मुशर्रफ को बुलाया। पीएम नरेंद्र मोदी बिना बुलाए ही चले गए, उसके बाद पठानकोट हमला हुआ। आईएसआई को बुलाया गया। क्या मोदी को राष्ट्रभक्त नहीं मानोगे। सरहद पर गोलीबारी के बीच ही सब गए। जब बात शुरू होगी, खून खराबा बंद हो जाएगा। अटल जी की विचारधारा को आगे बढ़ाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कश्मीर के पुलिसकर्मी औरंगजेब के पिता की आपत्ति पर सिद्धू ने कहा कि वह उन्हें आश्वासन देना चाहते हैं कि जब बातचीत शुरू होगी तो किसी पिता को अपना औरगंजेब नहीं खोना पड़ेगा। आखिर में सिद्धू ने कुछ पंक्तियों के जरिए यह बताने की कोशिश की कि श्री गुरु नानक देव जी का नाम लिए जाने की वजह से वह भावुक हो गए थे।
किसी ने प्यार से मुरशद मेरे का नाम लिया, किसी ने प्यार से रहबर मेरे का नाम लिया, किसी ने प्यार से नानक गुरु का नाम लिया, तो मेरे दिल से जो उमड़ा था एहतरामो-अदम, वो चश्मा बन के मेरी आत्मा से फूट पड़ा, यही थी मेरी खता, अब जो चाहे दो सजा।
कैप्टन ने बोला, मैं उनके खिलाफ नहीं बोलूंगा
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा पाक सेना प्रमुख को गले लगाने को लेकर की गई आलोचना पर नवजोत सिद्धू ने संतुलित बयान दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में और लोग भी इस पर बोल रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ और एआईसीसी के प्रवक्ताओं को भी सुनें। लोकतंत्र में सबकी अपनी राय हो सकती है। यह जरूरी नहीं कि कैप्टन ने मेरे खिलाफ बोला तो मैं भी बोलूं।