लोकसभा चुनाव से पहले आचार संहिता लागू होने से शहर के कई विकास कार्य अधर में लटक गए हैं।
इनमें ज्यादातर काम तो ऐसे हैं जो हाल ही में हुई निगम की बैठकों में पास हुए थे। वहीं दूसरी ओर ऐसे काम भी अब रुक गए हैं, जिनके टेंडर हाल ही में अलॉट हुए थे। इनको लेकर आम जनता के साथ-साथ पार्षदों की भी मुसीबतें बढ़ गई हैं।
चुनाव आचार संहिता 5 मार्च को लागू हुई थी। उससे महज एक दिन पहले ही सेक्टर-46डी में वी-6 रोड पर सड़क की रीकारपेटिंग का टेंडर अलॉट हो गया था। अब यह काम भी शुरू नहीं हो पा रहा है।
इस बारे में सीनियर डिप्टी मेयर और वार्ड पार्षद हीरा नेगी ने कहा कि कई बार अफसरों को इस बारे में कहा है, लेकिन चुनाव आचार संहिता का हवाला देकर कोई काम करने को तैयार नहीं है जबकि ये काम तो शुरू हो जाना चाहिए था।
सेक्टर-32बी के पार्क में झूले लगवाने का भी टेंडर अलॉट हो गया था, लेकिन काम नहीं शुरू हो रहा है।
स्ट्रीट लाइट का काम अटका
पूर्व डिप्टी मेयर और पार्षद सतीश कैंथ ने बताया कि इंडस्ट्रियल एरिया में पोल्ट्रीफॉर्म से लेकर सीटीयू वर्कशॉप तक के रोड पर स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं।
स्ट्रीट लाइटें लगवाने का 20.91 लाख का टेंडर चुनाव आचार संहिता लागू होने से महज दो दिन पहले ही अलॉट हो गया था। फिर भी यह काम रुक गया है।
इसी तरह सेक्टर-29 ए,बी,सी और डी की मार्केट में सड़कों की रीकारपेटिंग का काम भी टेंडर अलॉट होने के बावजूद शुरू नहीं हो पा रहा है।