प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चंडीगढ़ आगमन को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन के अफसर विश्व योग दिवस की तैयारियों में इस कदर जुटे हुए हैं कि काम के लिए सरकारी दफ्तर पहुंच रही जनता को बैरंग लौटना पड़ रहा है। यूटी प्रशासन के अधिकतर अधिकारियों के ऑफिस से आगंतुकों को ‘साहब व्यस्त हैं 21 जून के बाद आना’ जैसा जवाब मिल रहा है।
डीसी और एडीसी ने तो अपने स्टाफ को साफ हिदायत दे रखी है कि मिलने वालों को 21 जून के बाद ही बुलाएं। सप्ताह भर से डीसी ऑफिस में कोई अधिकारी आम लोगों से नहीं मिल रहा। जो लोग मिलने आ भी जाते हैं उन्हें घंटों इंतजार के बाद खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। अमर उजाला ने प्रशासन में ग्राउंड लेवल पर कई दिनों तक अवलोकन किया तो यह बातें निकलकर सामने आईं।
डीसी अजीत बालाजी जोशी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के नोडल अफसर हैं। डीसी ऑफिस के कमेटी रूम को योग दिवस का कंट्रोल रूम बनाया गया है। इस कंट्रोल रूम में प्रतिभागियों की सूची इत्यादि बनाने में स्टाफ दिन भर व्यस्त रहता है। स्टाफ के कुछ लोगों को बीएलओ नियुक्त किया गया है, जो रोज सुबह योग सेंटरों की रिपोर्ट कंट्रोल रूम में देते हैं।
एस्टेट आफिस में पसरा सन्नाटा
पटवारी, कानूनगो को बीएलओ की सुपरविजन का काम दे रखा है। वह पिछले 15 दिनों से प्रापर्टी संबंधी मामलों की बजाए बीएलओ के काम का सुपरविजन कर रहे हैं। इंफोर्समेंट विंग का स्टाफ भी योग संबंधी कार्यों में व्यस्त है। तहसीलदार रिहर्सल के कार्यों में व्यस्त हैं। महीना भर पहले जिस डीसी कम एस्टेट ऑफिस में फरियादियों की कतारें लगी रहती थीं वहां सन्नाटा छाया हुआ है।
कोई आ भी जाता है तो उसे साफ मना कर दिया जाता है। अपनी फरियाद लेकर डीसी ऑफिस पहुंचे सेक्टर-38 निवासी पुरुषोत्तम ने बताया कि उसका प्रापर्टी वॉयलेशन का मामला लंबित है। वह डीसी से मिलकर अपने मामले का जल्द निपटारा करवाए जाने की अपील करना चाहता है। लेकिन उनका स्टाफ बजाए मिलवाने के 21 जून के बाद आने की बात कह रहा है।
चलती रहती हैं बैक टू बैक मीटिंग
सचिवालय और डीसी ऑफिस में इन दिनों बैक टू बैक मीटिंग चलती रहती हैं। दिन भर में आधा दर्जन से अधिक मीटिंग हो रही हैं। इन्हीं मीटिंग में व्यस्तता का हवाला देकर लोगों को अधिकारियों से मिलने नहीं दिया जाता। स्टाफ मिलने से साफ इनकार कर देता है। सचिवालय में तो फिर भी अधिकारी मिल रहे हैं। व्यस्तता इस कदर है कि अधिकारी देर शाम अपने दफ्तरों से निकलते हैं।