भारत-पाक के बीच चल रहे तनाव का साइड इफेक्ट शादियों पर पड़ रहा है, वो भी इतना कि लोग अब यहां अपने बच्चों को ब्याहना नहीं चाहते। दरअसल, प्रवासी भारतीय पंजाब आकर अपने बच्चों की शादियां करने से बच रहे हैं। विदेशों में बसे तमाम पंजाबी परिवार अपने बच्चों के ब्याह के लिए वापस जरूर लौटते हैं।
नाते-रिश्ते के लोग यहीं होने से उनको ऐसा करना सुविधाजनक लगता है। चूंकि अक्तूबर से मार्च तक का समय यूरोपीय देशों में ठंड का होता है इसलिए इस दौरान प्रवासी भारतीय स्वदेश लौटना पसंद करते हैं। नकोदर की इंदरजीत कौर अपने बेटे जय सिंह की शादी पंजाब में करना चाहती थीं लेकिन भारत-पाक के बीच तनाव को देखकर उन्होंने फैसला टाल दिया है।
कपूरथला के निर्मल सिंह भी अपनी बेटे की शादी अमेरिका से आकर यहां करने की तैयारी में थे लेकिन अब फैसला बदल दिया है। ब्रिटेन से जालंधर आए जसवंत सिंह का कहना है कि पड़ोसी देश से तल्खी की वजह से विचलित होकर प्रवासी भारतीयों ने शादियों के कार्यक्रम बदले हैं। इन लोगों ने विवाह समारोह भारत में करने की बजाय ब्रिटेन में करने की योजना बनाई है।