सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में शामिल शूटर गैंगस्टर दीपक टीनू को भगाने के मामले में नामजद सब-इंस्पेक्टर प्रितपाल सिंह का पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद शुक्रवार को दोबारा अदालत में पेश कर 12 अक्तूबर तक का रिमांड लिया गया है। इससे पहले उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था। इस दौरान पुलिस को उससे पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं, जिसका पुलिस ने अभी तक खुलासा नहीं किया है।
सूत्रों के अनुसार एसआईटी द्वारा प्रितपाल से पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि गैंगस्टर दीपक टीनू पर भरोसा कर वह ठगा गया है। इस भरोसे के चलते दीपक टीनू उसे चकमा देकर फरार होने में सफल रहा है। उधर, पुलिस को सुराग मिले हैं कि दीपक टीनू किसी सरकारी आवास से नहीं बल्कि बाहर से ही फरार हुआ है।
पुलिस की पूछताछ के दौरान दीपक टीनू को भगाने में दो हवलदार व अन्य एक पुलिस मुलाजिम की भूमिका सामने आई है, जिनके बैंक खातों की पुलिस जांच कर रही है। उनके बैंक खातों में पैसा किसने और क्यों डाला? यह पुलिस के लिए रहस्य बना हुआ है। इस पूरे मामले को लेकर मानसा पुलिस जांच किए जाने की बात कह रही है।
एसएसपी मानसा गौरव तुरा ने बताया कि बर्खास्त सब इंस्पेक्टर प्रितपाल सिंह का अदालत से 12 अक्तूबर तक रिमांड पर लिया गया है, इस दौरान उससे आगे की पूछताछ की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी भी कई ऐसे राज हैं, जिनकी पुलिस अपने स्तर पर पड़ताल कर रही है। उन्होंने कहा कि मूसेवाला हत्याकांड और गैंगस्टर दीपक टीनू के फरार होने को लेकर तरह-तरह की अफवाह फैलाई जा रही हैं लेकिन पुलिस हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है।