हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी के भतीजे आकांक्ष सेन की हत्या के केस में अब एसआई और एएसआई की गवाही दोबारा होगी। मामले में शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से दो पुलिस अधिकारियों को गवाही के लिए सीआरपीसी की धारा 311 के तहत याचिका दायर की गई थी। मंगलवार को जिला अदालत ने याचिका को मंजूर कर लिया। शिकायतकर्ता पक्ष ने गवाह असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआई) बरिंदर सिंह और एसआई रविदीप सिंह को बुलाने के लिए दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं।
अब इन पुलिस अधिकारियों की दोबारा गवाही होगी। मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई को होगी। बता दें कि सेक्टर-9 निवासी आकांक्ष के दोस्त दीप सिद्धू ने 9 फरवरी 2017 को सेक्टर-9 में पार्टी आयोजित की थी। पार्टी में आकांक्ष और उसका दोस्त शेरा पहुंचे थे। बलराज सिंह रंधावा और हरमेहताब भी पार्टी में पहुंचे थे। शेरा का बलराज और हरमेहताब के बीच विवाद हो गया था। बलराज और शेरा में कहासुनी के बाद मारपीट हुई और आकांक्ष झगड़ा रुकवा कर वहां से चला गया।
बाद में शेरा को लेने पहुंचे आकांक्ष को बलराज ने टक्कर मारकर उस पर गाड़ी चढ़ा दी थी, इससे आकांक्ष की मौत हो गई थी। आरोप है कि हरमेहताब ने ही बलराज रंधावा को आकांक्ष पर गाड़ी चढ़ाने को उकसाया था। हरमेहताब को 16 फरवरी 2017 को गिरफ्तार कर लिया गया था। शिकायत के अनुसार बलराज रंधावा गाड़ी चला रहा था और हरमेहताब रारेवाला उससे कह रहा था इसे टक्कर मारो और खत्म कर दो। रंधावा को अब तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। बाद में उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। बाद में उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है।