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पवित्र ग्रंथ की बेअदबी, CM आवास जा रहे सिखों का बवाल

Sat, 31 Oct 2015 09:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
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श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के मामले में रोष मार्च निकाल रही सिख संगत को पुलिस ने सीएम आवास तक जाने से रोक दिया। फतेहगढ़ साहिब से चलकर संगत जैसे ही सीएम आवास की तरफ बढ़ी, पुलिस ने बॉर्डर पर बैरिकेड्स लगा दिए।
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सरकार ने सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा और वित्त मंत्री परमिंदर ढींडसा को संगत से बात करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। लेकिन, तीन बार बातचीत के बाद भी गतिरोध बरकरार है।  संतों और प्रचारकों की ओर से गठित पांच सदस्यीय कमेटी ने देर रात दोनों नेताओं को स्पष्ट कर दिया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे।

सिख कौम के प्रचारकों, ढाडी, रागी, ग्रंथी के अलावा विभिन्न सिख संगठनों के कई नेताओं ने शुक्रवार को फतेहगढ़ साहिब से चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास तक शांतिपूर्ण रोष मार्च शुरू किया था। सिख संगत दोपहर करीब साढ़े बारह बजे गुरुद्वारा अंब साहिब, फेज आठ पहुंचना शुरू हो गई।
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सूचना मिलते ही मोहाली के एसएसपी गुरप्रीत भुल्लर मौके पर पहुंचे। मोहाली और चंडीगढ़ सीमा पर काफी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। गुरुद्वारा साहिब में अरदास के बाद करीब सवा एक बजे बड़ी संख्या में संगत शांतिपूर्ण ढंग से चंडीगढ़ के लिए रवाना हुई। लेकिन, गीता भवन के पास चंडीगढ़ बॉर्डर पर यूटी पुलिस ने बैरिकेड्स लगा कर उन्हें रोक लिया। इसके बाद संगत वहीं बैठ कर जाप करने लगी।

इस दौरान सरकार से बात करने के लिए पांच मेंबरी कमेटी का गठन किया गया। इसमें भाई पंथ प्रीत सिंह, भाई रणजीत सिंह ढडरियां वाले, भाई दलेर सिंह खेड़ी, बाबा बलजीत सिंह दादूवाल व बाबा लाल सिंह भीखी शामिल थे। दोपहर तीन बजे चंदूमाजरा, ढींडसा और प्रमुख सचिव गगनदीप बराड़ मौके पर पहुंचे।

कमेटी ने उनके सामने तीन मांगें रखीं, जिनमें बेअदबी के मामले में गिरफ्तार रुपिंदर सिंह और जसविंदर सिंह को तुरंत रिहा करना, फायरिंग में दो सिख नौजवानों को शहीद करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ नामजद केस दर्ज करना और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की उच्चस्तरीय जांच करवा कर दोषियों को गिरफ्तार करना शामिल है।

दोनों नेता सीएम से बात करने का आश्वासन देकर चले गए। देर शाम वे लौटे और एक हफ्ते में इन पर फैसले का भरोसा दिया लेकिन कमेटी ने इसे खारिज कर दिया। खबर लिखे जाने तक सिख संगत का शांतिपूर्ण धरना जारी था।
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