चंडीगढ़। नगर निगम सदन की बैठक में लॉयंस कंपनी को दक्षिण के सेक्टरों में सफाई का अतिरिक्त काम दिलाने का एजेंडा पास कराने के लिए भाजपा का समर्थन करने वाले आम आदमी पार्टी के छह पार्षदों को पार्टी ने कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। इनमें वार्ड नंबर एक से जसविंदर कौर, वार्ड नंबर 4 से सुमन देवी, वार्ड नंबर 16 से पूनम, वार्ड नंबर 18 से तरुणा मेहता, वार्ड नंबर 23 से प्रेमलता और वार्ड नंबर 26 से कुलदीप धलोर शामिल हैं। प्रदेश अध्यक्ष प्रेम गर्ग ने इन सभी को वीरवार दोपहर एक बजे तक अपना जवाब देना है। उसके बाद पार्टी जवाब के आधार पर अपनी आगे की कार्यवाही तय करेगी।
नगर निगम ने दक्षिण के सेक्टरों की सफाई का ठेका बीते एक अप्रैल को लॉयंस कंपनी को दिया था। इसी माह की सदन की बैठक में 30 अप्रैल को निगम ने मंडी, मार्केट में अतिरिक्त सफाई, एन चो के आसपास के क्षेत्र की सफाई सहित अन्य शर्तों पर लॉयंस कंपनी के साथ 4 करोड़ 49 लाख 90 हजार 653 रुपये में अनुबंध की जानकारी देने का प्रस्ताव लाया था। नेता प्रतिपक्ष योगेश ढींगरा ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह प्रस्ताव शुक्रवार की रात में दिया गया है, इसके लिए विशेष बैठक बुलाई जाए। भाजपा पार्षदों ने इस एजेंडे पर आपत्ति तो जताई, लेकिन विशेष बैठक बुलाने पर वह सहमत नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने इसे पास करने का प्रस्ताव रख दिया। कांग्रेस और आप के पार्षद इसके विरोध में थे। काफी देर तक बहस के बाद वोटिंग के लिए कहा गया, जिसमें भाजपा के साथ मिलकर आप के छह पार्षदों ने एजेंडा पास कर दिया।
पार्षदों ने अपने नेता की भी नहीं मानी
नेता प्रतिपक्ष योगेश ढींगरा ने अपनी टीम को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। नोटिस में कहा गया है कि जब नेता प्रतिपक्ष ने इसका विरोध किया तो छह पार्षदों ने इसके समर्थन में हाथ उठा दिया। यह अनुशासनहीनता है और इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। पार्टी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नोटिस जारी कर जबाव मांगा है।
अंजू कत्याल और दमनप्रीत को बिना बताए अनुपस्थित होने पर नोटिस
बैठक में आप पार्षद दमनप्रीत सिंह और अंजू कत्याल उपस्थित नहीं थे। इसके बाद चर्चा थी कि दोनों पार्षद भी योजना के तहत सदन में नहीं पहुंचे हैं। इस संबंध में पार्टी के पदाधिकारियों को भी कोई सूचना नहीं थी। पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए दोनों को नोटिस जारी दिया है। प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि कोई आपातकालीन स्थिति थी तो वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देनी चाहिए थी, अपने स्तर पर निर्णय लेना गलत है।
आप में जंग, भाजपा और कांग्रेस दोनों सक्रिय
राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं कि इस नोटिस के बाद आम आदमी पार्टी में आतंरिक कलह शुरू होगा। इसका फायदा उठाने के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों सक्रिय हो गए हैं। मेयर चुनाव से पहले भी आप भाजपा पर अपने पार्षदों को तोड़ने का आरोप लगा रही थी। ऐसे में भाजपा भी चाहेगी कि कुछ पार्षद उनकी तरफ आए तो आगे की राह उनकी आसान हो जाएगी और अगले वर्ष मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में भी उन्हें फायदा मिलेगा।
हिमाचल चुनाव को देखते हुए हाईकमान ने लिया सख्त निर्णय
दिल्ली से हाईकमान ने प्रदेश अध्यक्ष प्रेम गर्ग को सख्त निर्देश देते हुए जांच के लिए कहा। साथ ही भाजपा का साथ देने वाले पार्षदों को नोटिस जारी करने के आदेश दिए। सूत्रों की मानें तो हिमाचल प्रदेश का चुनाव देखते हुए यह सख्त निर्णय लिया गया है। वहीं आप के चंडीगढ़ प्रभारी जरनैल सिंह ने चंडीगढ़ के कुछ वरिष्ठ नेताओं के फोन तक उठाना बंद कर दिए हैं।
नेता प्रतिपक्ष की बात काटतीं दिखी थीं प्रेमलता
बैठक में योगेश ढींगरा ने कहा था कि सफाई के लिए निजी कंपनियों को ठेका तो दे देते हैं, लेकिन काम मिलते ही उनके तेवर बदल जाते हैं। काम ठीक से नहीं होता और कंपनी के अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं। इससे बेहतर तो रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को काम दे दिया जाए, वह इसके लिए जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं। इस पर कटाक्ष करते हुए उन्हीं की पार्टी की पार्षद प्रेमलता ने कहा था कि पार्कों की हालत देख लो, बर्बाद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पार्क आरडब्लयूए से वापस लेकर पार्षदों को रखरखाव करने के लिए दिया जाए। आरडब्लयूए वाले अपनी राजनीतिक रोटियां सेकते हैं।
कांग्रेस ने भी रुपये लेने का लगाया था आरोप
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चावला ने सदन की बैठक खत्म होते ही आप पार्षदों पर बिकने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि आप अपनेआप को ईमानदार होने का दावा करती है। अब बताएं कि उनके छह पार्षद भाजपा के साथ क्यों मिल गए। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव को लेकर लायंस कंपनी ने उनकी पार्टी के पार्षदों को भी प्रलोभन देने का प्रयास किया था।
क्या कहते हैं अधिकारी
पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है। सदन में हुए पूरे प्रकरण में पार्षदों से पूछा गया है कि उन्होंने जानबूझकर हाथ उठाया या एजेंडे को लेकर असमंजस रहा तो हाथ उठाया। इसी तरह दो पार्षदों को बिना बताए अनुपस्थित रहने पर नोटिस दिया है। इनका जवाब आने के बाद आगामी कार्रवाई तय होगी।
- प्रेम गर्ग, प्रदेश अध्यक्ष, आप