पंजाब का प्रमुख जच्चा-बच्चा सरकारी माता कौशल्या अस्पताल इस समय दवाओं की किल्लत से जूझ रहा है। हालात ये हैं कि इस समय अस्पताल में सिरिंज तक उपलब्ध नहीं हैं। ज्यादातर दवाएं मरीजों को बाहर से लाने को कहा जा रहा है। गरीब मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि माता कौशल्या अस्पताल में रोजाना की 10-12 डिलीवरी होती हैं और यहां हरियाणा तक से भी डिलीवरी केस आते हैं। बावजूद इसके दवाओं की भारी कमी से मरीजों में काफी रोष है। माता कौशल्या अस्पताल को 245 तरह की दवाओं की सप्लाई की जाती है।
खास बात यह है कि इस समय अस्पताल में केवल 115 तरह की ही दवाएं उपलब्ध हैं। हालात ये हैं कि अस्पताल में सिरिंज तक मुहैया नहीं हैं। डिलीवरी के लिए आने वाली महिलाओं के तीमारदारों को जरूरी दवाओं के साथ-साथ सिरिंज तक बाहर दुकान से लाने को कहा जा रहा है। अस्पताल में कुछ समय पहले तक पैरासिटामॉल व एंटी बायोटिक दवाओं की भी कमी थी। हालांकि इनकी फिलहाल सप्लाई हो गई है।
एक महिला ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि उनकी बहू की डिलीवरी होनी है। दवाओं के साथ बाहर से सिरिंज तक लाने को लिखा है। सिरिंज तक अस्पताल में न मिलना सरकार के दावों की पोल खोलता है। इस संबंध में अस्पताल के कार्यकारी मेडिकल अधीक्षक डॉ. वरिंदर गर्ग ने माना कि अस्पताल में दवाओं की कमी है।
उन्होंने कहा कि दवाओं की सप्लाई के लिए पंजाब हेल्थ सिस्टम कारपोरेशन को लिखा गया है। उम्मीद है कि अगले 10 से 15 दिन में दवाओं की सप्लाई हो जाएगी। डॉ. गर्ग ने कहा कि तब तक मरीज केंद्र सरकार के जन औषधि केंद्र से भी दवाएं ले सकते हैं, वहां भी दवाएं सस्ती ही मिलती हैं।