फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंडीगढ़ के जीएमसीएच-32 में अमृत फार्मेसी पर दवाओं का टोटा, बाकी दुकानें बंद, मरीज परेशान

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। जीएमसीएच- 32 में दवा की तीन निजी दुकानें बंद होने और यहां चल रही अमृत फार्मेसी में दवाओं का टोटा होने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 16 फरवरी से यहां सभी ओपीडी खोल दी गई थीं। लेकिन कुछ दिन बाद ही दवा की सभी दुकानों के एक साथ बंद हो जाने से मरीजों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है। मौजूदा समय में सिर्फ अमृत फार्मेसी का ही संचालन हो रहा है। यहां मरीजों की भीड़ दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। अचानक से दबाव बढ़ने से फार्मेसी पर भी दवा का टोटा होने लगा है। इस कारण ज्यादातर मरीजों को बिना दवा के लौटना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि दवा की दुकानों का टेंडर किया जा चुका है। कुछ दिनों में सभी दुकानें संचालित होने लगेंगी।
विज्ञापन

किराया न देने पर बंद हुई दुकान
जीएमसीएच- 32 की निजी दवा की दुकानों में से दो दुकान का टेंडर पूरा हो जाने के बाद प्रक्रिया के तहत उसे बंद किया गया है। वहीं तीसरी दुकान किराया जमा न करने के कारण बंद हुई है। जानकारी के अनुसार तीसरी दुकान को कुछ दिन पहले ही बंद किया गया है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि कोरोना के दौरान दुकान का संचालन किया गया, लेकिन किराया नहीं जमा करने से प्रशासन के निर्देश पर उसे बंद करना पड़ा है।
मरीज और परिजन हो रहे परेशान
जीएमसीएच- 32 में दवा की सभी निजी दुकानें बंद हो जाने के कारण मरीजों के साथ ही उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह हो गई है कि भर्ती मरीजों के परिजनों को देर रात दवा के लिए अस्पताल से बाहर सेक्टर- 32, सेक्टर- 16 और पीजीआई स्थित दवा की दुकानों से दवा लेने जाना पड़ रहा है। मरीजों का कहना है कि ऐसी स्थिति के बारे में अस्पताल प्रशासन को पहले से ही व्यवस्था कर लेना चाहिए था ताकि एक साथ सभी दुकानें बंद करने की नौबत ना आती।
विज्ञापन
विज्ञापन

मेडिकल शॉप के टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर दुकानें भी अलॉट की जा चुकी है। दो-तीन दिनों में दुकानें खुल जाएंगी।
- डॉ. रवि गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक जीएमसीएच 32
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें