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चंडीगढ़: डिस्को में अब लड़कियां नहीं पहन पाएंगी छोटी स्कर्ट, बैन लगा

Wed, 20 Apr 2016 01:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगड़ के डिस्को में छोटे कपड़े पहनने पर बैन लगा - फोटो : डेमो फोटो
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चंडीगढ़ के डिस्कोथेक में लड़कियां अब छोटी स्कर्ट या छोटे कपड़े नहीं पहन पाएंगी। यूटी प्रशासन ने बैन लगा दिया है। डिस्कोथेक में महिलाओं और लड़कियों का मिनी स्कर्ट से भी छोटी स्कर्ट पहनकर आना इतना नागवार गुजरा है कि डिस्कोथेक संचालकों से साफ कह दिया गया है कि अगर महिलाएं कम या छोटे कपड़े पहन कर प्रवेश करें या किसी तरह की अभद्रता हुई तो डिस्कोथेक बंद करा दिया जाएगा।
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प्रशासन की पालिसी 'सार्वजनिक मनोरंजन स्थल नियंत्रण, 2016' जिसे बेतुका और हास्यास्पद भी करार दिया जा रहा है, के तहत अभद्रता का हवाला देते हुए और विद्रोह आदि को शीर्ष कारण बताते हुए प्रशासन शहर की नाइटलाइफ का गला घोंटने लगा है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि ब्यूरोक्रेट्स ने शहर में बार और डिस्कोथेक को राष्ट्रविरोधी तत्वों की प्रजनन भूमि ही मान लिया है।

अब डिस्को 12 बजे तक ही खुलेंगे

चंडीगड़ के डिस्को में छोटे कपड़े पहनने पर बैन लगा - फोटो : डेमो फोटो
गत एक अप्रैल से प्रभाव में आई पालिसी के तहत न सिर्फ बार का समय दो घंटे घटाकर दोपहर 2 बजे से रात 12 बजे तक सीमित कर दिया गया है, बाबुओं को खुले अधिकार भी दे दिए गए हैं जिससे बार मालिकों और डिस्कोथेक मालिकों के लिए काम करना मुश्किल हो गया है।

इस नई पालिसी के अनुसार, डीसी की अध्यक्षता में गठित एक नोडल कमेटी जिसमें म्युनिसिपल कारपोरेशन के कमिश्नर, चंडीगढ़ पुलिस के एसएसपी, स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक और एक्साइज एंड टेक्सेशन कमिश्नर सदस्य के रूप में शामिल होंगे, को यह अधिकार दिया गया है कि वह किसी भी व्यापारिक कार्यकलाप के लिए दी गई अनुमति के नवीनीकरण से इंकार कर सकती है।
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अभद्रता हुई तो डिस्को का लाइसेंस रद्द होगा

चंडीगड़ के डिस्को में छोटे कपड़े पहनने पर बैन लगा - फोटो : डेमो फोटो
बार और डिस्कोथेक चलाए जाने के बारे में, पालिसी में कहा गया है कि अगर कम या छोटे कपड़ों में महिलाओं का प्रदर्शन या विज्ञापन किया गया और किसी तरह की अभद्रता हुई या उपद्रव हुआ या फिर राजनीतिक असंतोष बढ़ाने वाले हालात दिखे तो नोडल कमेटी बार और डिस्कोथेक की दी गई अनुमति रद कर सकती है।

हालांकि पालिसी के ड्राफ्ट में छोटे कपड़ों में सजी महिलाओं या अभद्रता की व्याख्या नहीं की गई है और न ही उपद्रव को ही परिभाषित किया गया है। शहर के एक होटल मालिक का कहना है कि 'यह नैतिक पुलिसिंग है। आप थोड़े या छोटे कपड़े पहने महिलाओं के बारे में यह कैसे परिभाषित कर सकेंगे कि यह अभद्रता है? यह विषय व्यक्तिपरक है। इसमें आपको क्या अभद्र लगता है, मुझे उसमें मासूमियत दिखाई दे सकती है।

प्रशासन को कम से कम इस तरह के मापदंडों पर किसी की परमिशन रद नहीं करनी चाहिए।' उन्होंने कहा कि यह एक अस्पष्ट और कठोर नीति है जो चंडीगढ़ की नाइटलाइफ को खत्म कर देगी और व्यापार को तबाह कर देगी। इस पालिसी को पूरी तरह असंवैधानिक करार देते हुए जाने-माने वकील अनुपम गुप्ता का कहना है कि पूरी पालिसी खामियों से भरी है। 
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