बिना बिल के सामान बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ शिकंजा कसा जाएगा। इसको लेकर जीएसटी एंड टैक्सेशन विभाग कार्य योजना बना रहा है। प्रशासन की मंजूरी मिलते ही जनवरी में ही इस कार्ययोजना को नए वित्तीय वर्ष 2020-21 से पहले लागू कर दिया जाएगा। यदि शहर में कोई भी दुकानदार बिना बिल के सामान बेचते हुए पाया जाता है तो उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। 10 हजार रुपये यूटीजीएसटी और 10 हजार रुपये सीजीएसटी के तौर पर दुकानदार से जुर्माना वसूला जाएगा।
गौरतलब है कि वर्ष 2019 के दिसंबर में चंडीगढ़ के जीएसटी एंड टैक्सेशन विभाग ने 19 राज्यों को पीछे छोड़ते हुए जीएसटी कलेक्शन में 18 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की थी। इसके साथ ही इससे पहले के माह में जीएसटी कलेक्शन में पूरे देश में नंबर वन की उपाधि भी विभाग हासिल कर चुका है। कलेक्शन को लेकर लगातार बेहतर रहने वाले चंडीगढ़ ने इसे बरकरार रखने के लिए अब नई कार्य योजना बनाई है।
इस कार्य योजना के तहत विभाग सिटी ब्यूटीफुल में बिना बिल के सामान बेचने वाले दुकानदारों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जीएसटी कलेक्शन को लेकर हर राज्य पर दवाब है। हर माह कलेक्शन बेहतर हो सके इसको लेकर युद्धस्तर पर तैयारी की जा रही है। शहर में कई ऐसे दुकानदार हैं जो बिना बिल के सामान की खरीद फरोख्त कर रहे हैं। इन्हें चिह्नित किया जा रहा है। ऐसे दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शहर को करेंगे जागरूक
जीएसटी एंड टैक्सेशन विभाग अपनी इस महत्वपूर्ण मुहिम के लिए सिटी ब्यूटीफुल के लोगों को जागरूक करने का कार्य करेगी। इन दिनों विभाग में इसको लेकर तैयारियां की जा रही हैं। विभागीय अधिकारी ‘जागरूक ग्राहक, सशक्त भारत’ की थीम पर कार्य कर रहा है।
जीएसटी कलेक्शन में अब तक की उपलब्धियां
- 2019-20 (वित्तीय वर्ष) में हर महीने कमाए 110 करोड़ से ज्यादा
- 2020-21 (वित्तीय वर्ष) में 1500 करोड़ तक पहुंचने का लक्ष्य
- 2018-19 (वित्तीय वर्ष) के मुकाबले इस साल 9 महीने में 150 करोड़ से ज्यादा कलेक्शन
- छह महीने में 89.41 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के साथ देश में अभी तक रहा अव्वल