मोगा में बंद के दौरान खुलीं कुछ दुकानें।
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ईसाई समुदाय और कुछ जत्थेबंदियों ने बुधवार को मणिपुर हिंसा के विरोध में पंजाब बंद का एलान किया था। मोगा में भी ईसाई समुदाय और संगठनों ने सुबह 10 बजे से तीन बजे तक मोगा बंद का आह्वान किया था। मोगा में बंद का असर देखने को नहीं मिला। सभी दुकानें खुली रहीं। मोगा के कोट ई सेखा में कुछ प्रदर्शनकारी दुकानें बंद करवाने गए तो एक मोबाइल दुकानदार गुरप्रीत सिंह नामक व्यक्ति ने प्रदर्शनकारियों के साथ बहसबाजी की और दुकान बंद करवाने आए प्रदर्शनकारियों के ऊपर तीन गोली चला दी।
इसमें एक बलवंत सिंह नामक निहंग सिंह की छाती पर एक गोली लगी। मौके पर पुलिस प्रशासन के सहयोग से जख्मी बलवंत सिंह को कोट ई सेखा अस्पताल ले जाया गया, हालत गंभीर होने के कारण उसे लुधियाना रेफर कर दिया गया। घटना कोट ई सेखा के मसिता रोड की है।
कुछ घंटे के लिए प्रदर्शनकारियों ने कोट ई सेखा मैन चौक जाम करके रोष प्रदर्शन किया और उसी दौरान मौके पर आईजी फरीदकोट रेंज अजय राज मलुजा और मोगा एसएसपी जे इलेनचेलियन ने भी पहुंचकर स्थिति को काबू किया। जानकारी के मुताबिक गोली चलाने वाले व्यक्ति गुरप्रीत सिंह ने पुलिस के पास आत्मसमर्पण कर दिया है।
अमृतसर में दुकानें रहीं बंद
अमृतसर के ज्यादातर हिस्सों में बंद का सफल प्रभाव दिखाई दिया। डॉक्टरों की दुकान और मेडिकल स्टोर और बहुत सारे स्कूल खुले रहे। ईसाई, वाल्मीकि, रविदासिया और बसपा के कार्यकर्ताओं ने दो व चार पहिया वाहनों पर सवार होकर शहर के अलग-अलग इलाकों में दुकानों और कारोबारों को बंद करवा दिया। हालांकि दोपहर बाद और शाम को दुकानें रोज की तरह खुली रहीं। उधर, जिला सिविल और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा सख्त कर रखी थी। जगह-जगह पर सख्त सुरक्षा व्यवस्था करके बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। कई संगठनों ने स्थानीय भंडारी पुल पर एक विशाल रोष प्रदर्शन भी किया।