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Chandigarh News: कोटखाई थाना के एसएचओ को गवाही के लिए 7 जनवरी को होना होगा पेश, नहीं तो कार्रवाई तय

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चंडीगढ़। शिमला के कोटखाई में नाबालिग युवती की दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में गिरफ्तार आरोपी सूरज की कोटखाई थाने में हत्या मामले में शुक्रवार को सीबीआई कोर्ट में फिर से सुनवाई हुई। इस मामले में नामजद आरोपी नंबर-तीन द्वारा हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनाए गए आदेशों के आधार पर सीबीआई कोर्ट ने कोटखाई थाने के एसएचओ को तीसरी बार समन जारी कर तलब कर लिया है। एसएचओ को 7 जनवरी 2025 को कोर्ट में पेश होना होगा। जबकि इससे पहले दो बार समन जारी होने के बाद भी एसएचओ पेश नहीं हुआ था, लेकिन अब उसे यह आखिरी चेतावनी ह, अन्यथा उसके खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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दरअसल, इस मामले में बीती 12 दिसंबर को हुई सुनवाई में सीबीआई कोर्ट ने सभी पक्षों के बयान दर्ज करके साक्ष्यों को बंद कर दिया था। उसी दिन आरोपी नंबर-तीन राजिंद्र सिंह ने अपने बचाव में कोटखाई थाने के एसएचओ को फिर से पूछताछ के लिए बुलाने की गुहार लगाई थी। हालांकि एसएचओ कोटखाई को बीती 5 दिसंबर को हुई सुनवाई में समन जारी कर बयान देने के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह पेश नहीं हुआ। इससे पहले भी उसे समन जारी किए गए थे। कोर्ट ने अपने पिछले आदेशों में यह टिप्पणी करते हुए लिखा था कि आरोपी-3 सीबीआई के डर से सच्चाई बताने के लिए तैयार नहीं हैं और इसलिए कोटखाई एसएचओ गवाह के रूप में उसके पक्ष में गवाही देने के लिए आगे नहीं आ रहा है। कोर्ट का तर्क था कि यह सात साल से अधिक पुराना केस है। मामले में सभी आरोपियों को अपना बचाव करने के लिए पर्याप्त समय और मौके दिए गए। आरोपी-3 को छोड़कर सभी ने अपने बयान के द्वारा अपना बचाव बंद कर दिया है। इसलिए बचाव साक्ष्य के लिए इस मामले को आगे स्थगित करने का कोई औचित्य नहीं है। इसलिए कोर्ट ने 12 दिसंबर को हुई सुनवाई के दौरान आरोपी राजिंद्र सिंह के बचाव में साक्ष्यों को भी बंद कर दिया था। साथ ही कोर्ट ने 12 दिसंबर से 20 दिसंबर तक लगातार रोजाना इस मामले में सुनवाई करने और आरोपियों को अपने अलग-अलग आखिरी बयान व बहस के लिए तारीख दे दी गई थी।
एसएचओ पेश नहीं हुआ तो उसके खिलाफ भी होगी कार्रवाई
20 दिसंबर को कोर्ट के आदेशानुसार इस मामले में आखिरी बहस होनी थी, लेकिन उससे पहले ही आरोपी नंबर-तीन राजिंद्र सिंह ने कोटखाई एसएचओ को गवाही देने के लिए सीबीआई द्वारा तलब कर गवाही के लिए बुलाने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। 18 दिसंबर को हाईकोर्ट ने याचिका पर त्वरित आदेश पारित किए कि संबंधित सीबीआई कोर्ट याचिकाकर्ता को गवाह एसएचओ थाना कोटखाई से उसके बचाव में पूछताछ करने का एक अवसर प्रदान करें और ट्रायल कोर्ट बचाव पक्ष के गवाह को प्रभावी समन जारी करने के लिए सीएलपीसी के प्रावधानों का अनुपालन करें। इसलिए हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशानुसार शुक्रवार को सीबीआई की कोर्ट ने बचाव पक्ष के गवाह एसआई/एसएचओ अंकुश ठाकुर थाना कोटखाई को 7 जनवरी को तलब कर लिया है। एसएचओ को समन भी एसपी एससी-एक सीबीआई नई दिल्ली के जरिए हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशानुसार भेजा जाए और गवाह को समन तामील करवाना भी सुनिश्चित किया जाए। समन में यह विशेष नोट भी दिया जाना चाहिए कि गवाह को उस दिन कोर्ट के समक्ष उपस्थित होना होगा, क्योंकि यह मामला इस कोर्ट के समक्ष सबसे पुराना सत्र मामला है। कोर्ट ने आदेेशों में लिखा कि इस मामले में पहले से ही दैनिक सुनवाई चल रही है और किसी की ओर से कोई चूक या देरी को कोर्ट द्वारा बहुत गंभीरता से लिया जाएगा। अगर गवाह पेश नहीं हुआ तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई होगी। उधर, शुक्रवार को आरोेपी नंबर 7 व 8 की ओर से अपनी दलीलें पेश की गईं।
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