सूबे में नशे के मुद्दे पर पंजाब पुलिस की शमूलियत पर छिड़े घमासान के बीच विधायक राणा गुरजीत सिंह के आरोपों में घिरे सुल्तानपुर लोधी के एसएचओ सरबजीत सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है। सुल्तानपुर लोधी के विधायक नवतेज सिंह चीमा ने सख्त स्टैंड लेते हुए एसएचओ को बदलने की पुलिस विभाग से सिफारिश की है। वहीं एसपी ने लाइन हाजिर किए जाने की पुष्टि की है।
एसपी इन्वेस्टीगेशन जगजीत सिंह सरोआ ने कहा कि एसआई सरबजीत सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है। उनकी जगह पर कपूरथला के ट्रैफिक इंचार्ज इंस्पेक्टर सुरजीत सिंह पत्तड़ को थाना सुल्तानपुर लोधी का एसएचओ तैनात किया गया है।
बुधवार को कपूरथला विधायक राणा गुरजीत सिंह ने एक निजी चैनल के सामने सुल्तानपुर लोधी के एसएचओ सरबजीत सिंह के खिलाफ नशे व भ्रष्टाचार के आरोपों की शिकायत पर कार्रवाई न होने की बात कही थी। इस बयान के बाद सुल्तानपुर लोधी के विधायक नवतेज सिंह चीमा ने एसएचओ का बचाव करते हुए उसे गुरसिख बंदा बताया था, लेकिन शनिवार को विधायक चीमा ने कहा कि सब इंस्पेक्टर के खिलाफ पुराने आरोपों की उन्हें जानकारी नहीं है।
जैसे ही नए आरोप उनके ध्यान में आए, उन्होंने सब इंस्पेक्टर सरबजीत सिंह पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए खुद ही पुलिस विभाग से सिफारिश की है कि सरबजीत सिंह को जांच चलने तक थाना प्रभारी पद से हटा दिया जाए।
चीमा ने जालंधर की नई बारादरी में तैनात एसएचओ बलबीर सिंह पर लगे आरोपों पर कहा कि जितने भी आरोपी पुलिस अधिकारी हैं, उनके राजनीतिक नेक्सेस की जांच होनी चाहिए। यह किन राजनीतिक नेताओं की सिफारिश पर अहम पदों पर तैनात हुए हैं, यह सार्वजनिक होना चाहिए।
चीमा ने साफ किया कि जांच के दौरान ध्यान रखा जाएगा कि जांच निष्पक्ष हो। अगर आरोप झूठे निकले तो शिकायतकर्ता के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई का प्रावधान होगा। ऐसी कार्रवाई से पुलिस के मनोबल न टूटे इसलिए सरकार अच्छा काम करने वाले पुलिस अधिकारियों को प्रोत्साहित करेगी। सरकार की इस खास मुहिम का मकसद सिर्फ वर्दी में छिपी काली भेड़ों को बेनकाब करना है।