एसएचओ की ओर से बताया गया कि जांच के दौरान जब सुरेश कुमार सतीजा को बाजार लेकर गए थे तो उस दौरान भारी संख्या में उसके समर्थक मौजूद थे। स्थिति का आंकलन और शिअद नेता के भागने की संभावना को देखते हुए उसे हथकड़ी लगाई गई थी। उसकी दलील थी कि विभाग की ओर से गठित एसआईटी ने उसे क्लीनचिट दी है।
हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि एसएचओ ने परिस्थितियों के अनुरूप निर्णय लिया लेकिन इस प्रकार हथकड़ी लगाना गलत था। कोर्ट ने एसएचओ पर एक लाख रुपये जुर्माना लगाने का आदेश दिया है, हालांकि यह भी स्पष्ट किया कि यह आदेश उसके सेवा रिकार्ड में किसी प्रकार का बाधा उत्पन्न नहीं करेगा।
याची ने मुआवजा लेने से किया इन्कार
हाईकोर्ट ने एसएचओ पर जुर्माना राशि याची को देने का निर्णय लिया था लेकिन सतीजा ने कहा कि उसे मुआवजा नहीं चाहिए बल्कि एसएचओ के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई होनी चाहिए। कोर्ट ने इसके बाद मुआवजे की राशि को हाईकोर्ट कर्मचारियों के कल्याण के लिए देने का आदेश दिया है।