नगर पंचायत चुनाव में अकाली -कांग्रेसियों में झड़प का मामला
नगर पंचायत चुनाव के लिए मल्लांवाला में कांग्रेसियों और अकालियों की झड़प व मामले दर्ज होने के विरोध में पूर्व सीएम सुखबीर बादल के नेतृत्व में अकालियों ने वीरवार शाम से लेकर शुक्रवार देर शाम तक सतलुज-ब्यास दरिया के संगम पर बने हरिके पत्तन पुल का हाईवे जाम रखा।
इस दौरान पुल के दोनों तरफ लगभग ढाई किमी दूर तक वाहनों का जाम लग गया। इसी तरह सतलुज दरिया पर बने बंडाला पुल पर भी अकालियों ने धरना देकर रास्ता बंद रखा। दोनों पुलों पर जाम लगने से पिछले लगभग 25 घंटे में फिरोजपुर से कोई भी वाहन अमृतसर, जम्मू-कश्मीर व गुजरात के लिए रवाना नहीं हुआ। इन दिनों शादी समारोह के कारण लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
जानकारी के अनुसार हरिके पत्तन पुल पर अकालियों का धरना जारी रहने से दोनों तरफ तकरीबन ढाई किमी तक वाहनों की कतारें लग गईं। धरने में बैठे लोगों के लिए चाय-पानी और लंगर की व्यवस्था की गई। इसी तरह अकालियों ने बंडाला पुल पर धरना देकर यातायात जाम किया है। दोनों रास्ते बंद होने के कारण अमृतसर, जम्मू-कश्मीर से राजस्थान की तरफ जाने वाले ट्रक पिछले 25 घंटों से खड़े हुए हैं।
अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि जब तक जीरा हलके के कांग्रेसी विधायक कुलबीर सिंह जीरा और आरोपी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया जाता तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। धरने पर बिक्रमजीत सिंह मजीठिया, हरि सिंह जीरा, अवतार सिंह मिन्ना के अलावा अन्य अकाली नेता भी मौजूद थे।
जीरा के डीएसपी और मल्लांवाला के एसएचओ हटाए
नगर पंचायत चुनाव में अकाली -कांग्रेसियों में झड़प का मामला
20 कांग्रेसियों पर मामला दर्ज
थाना मल्लांवाला पुलिस ने मल्लांवाला में बुधवार को आपस में भिड़े अकाली व कांग्रेसी वर्करों के मामले में कांग्रेस कार्यकर्ता अजय कुमार, सतपाल, अंग्रेज सिंह, मल्लांवाला से युवा कांग्रेस के ब्लाक प्रधान मुनीष कुमार बब्बल, हीरा कक्कड़ समेत बीस लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
जीरा के डीएसपी और मल्लांवाला के एसएचओ हटाए
राज्य चुनाव आयोग ने एक आदेश जारी करते हुए जीरा के डीएसपी और मल्लांवाला के एसएचओ का तुरंत प्रभाव से तबादला कर दिया है। इसके साथ ही आयोग ने गृह विभाग के प्रमुख सचिव से दोनों पदों के लिए जल्द से जल्द पैनल भेजने को कहा है। इन पदों पर नए अधिकारियों की तैनाती 24 घंटे के भीतर कर दी जाएगी। आयोग ने यह कार्रवाई शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद की है। बादल ने आरोप लगाया था कि इन स्थानों के अधिकारी कांग्रेस के एजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं और इनका तुरंत तबादला किया जाए।