पार्टी नेताओं के साथ चर्चा करते शिअद प्रधान सुखबीर बादल।
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने केंद्र से मांग की है कि वह 26 जनवरी को किसानों को दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर शांतिपूर्वक ट्रैक्टर परेड की इजाजत दे। किसानों का यह सांविधानिक अधिकार है। केंद्र सरकार उनके इस अधिकार का हनन न करे। शिअद कोर कमेटी की बैठक में नेताओं ने कहा कि देश के किसान पहले ही दिल्ली में शांतिपूर्वक ट्रैक्टर परेड की घोषणा कर चुके हैं, ऐसे में उनकी परेड पर रोक लगाना न्यायोचित नहीं है।
पार्टी मुख्यालय में सोमवार को पत्रकारों को बैठक के बारे में जानकारी देते हुए हरचरन सिंह बैंस ने कहा कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक परेड की अनुमति न देकर केंद्र ने उचित निर्णय नहीं लिया है। देश के किसान पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि उनका शांतिपूर्ण मार्च उस संविधान की भावना को दर्शाएगा जिसके लिए राष्ट्र गणतंत्र दिवस मनाता है।
बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर कहा गया है कि सरकार को वास्तव में किसानों का धन्यवाद कर परेड को सुगम बनाना चाहिए। बैंस ने कहा कि पार्टी कोर कमेटी ने किसानों के खिलाफ एनआईए के दुरुपयोग की निंदा की है।
‘एनआईए के नोटिस वापस ले केंद्र’
कोर कमेटी की बैठक में किसानों को एनआईए के नोटिस भेजे जाने की निंदा की गई। बैठक में शिअद नेताओं ने केंद्र सरकार से नोटिस वापस लेने की मांग की। बैठक में एक अन्य प्रस्ताव में पार्टी ने किसानों के संघर्ष को मजबूत करने का संकल्प लिया, क्योंकि यह पूरी तरह से उन आदर्शों तथा सिद्धांतों के अनुरूप है जिनके लिए पार्टी ने हमेशा लड़ाई का नेतृत्व किया है।