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कोटकपूरा गोलीकांड: एसआईटी के सामने पेश हुए सुखबीर बादल, पांच घंटे चली पूछताछ

Sat, 26 Jun 2021 11:18 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

2015 में हुए कोटकपूरा गोलीकांड के समय सुखबीर बादल राज्य में उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री थे। इसीलिए उनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं आम आदमी पार्टी (आप) ने कोटकपूरा गोलीकांड मामले में पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का नार्को टेस्ट कराने की मांग की थी। कैप्टन पर आरोप लगाते हुए आप के किसान विंग के प्रधान कुलतार सिंह संधवां ने कहा था कि कैप्टन सरकार नई जांच समिति द्वारा बादल परिवार को बचाने के लिए नाटक कर रही है, पंजाब निवासियों को कोई इंसाफ नहीं दे रही।  
 
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चंडीगढ़ में एसआईटी दफ्तर पहुंचे सुखबीर बादल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोटकपूरा फायरिंग केस की जांच में जुटी एसआईटी ने शनिवार को शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल से पूछताछ की। चंडीगढ़ सेक्टर-32 स्थित पंजाब पुलिस ऑफिसर्स सोसायटी में यह पूछताछ करीब चार घंटे चली। एसआईटी ने पूछा कि तत्कालीन गृह मंत्री होने के नाते आपको जानकारी होगी कि पुलिस फायरिंग के आदेश किस अधिकारी ने दिए थे। 

सुखबीर ने जवाब दिया कि फायरिंग के आदेश गृह मंत्री द्वारा नहीं दिए जाते, यह काम घटनास्थल पर मौजूद ड्यूटी मजिस्ट्रेट का होता है। ऐसे मामलों में संबंधित जिले के डिप्टी कमिश्नर, तहसीलदार और ड्यूटी मजिस्ट्रेट ही मौके पर मौजूद रहते हैं। हालात को देखते हुए फैसला लिया जाता है। इसलिए घटना के समय तैनात अधिकारियों से ही पूछताछ की जानी चाहिए, वहीं सही जानकारी मुहैया करा सकेंगे। सुखबीर सिंह बादल जितनी देर एसआईटी के कार्यालय में पूछताछ में हिस्सा लेते रहे, तब तक बिक्रम सिंह मजीठिया, बलविंदर सिंह भुंदड़, डॉ. दलजीत सिंह चीमा के अलावा कई सीनियर नेता कार्यालय के बाहर उनका इंतजार करते रहे।
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सवालों पर सुखबीर के जवाब

  • एसआईटी: कोटकपुरा में पुलिस फायरिंग की घटना की जानकारी आपको सबसे पहले किसने दी?
  • सुखबीर: चूंकि उस समय मैं गृह मंत्री भी था, इसलिए पूरे पंजाब में कानून-व्यवस्था के बारे में सारी जानकारी इंटेलिजेंस और अन्य अधिकारियों से लगातार मिलती रहती थी। कोटकपुरा की घटना के बारे में भी संबंधित अधिकारियों से ही मुझे जानकारी मिली थी। 
  • एसआईटी: पुलिस फायरिंग से पहले क्या ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने आपसे बात की थी?
  • सुखबीर: ड्यूटी मजिस्ट्रेट सीधे मुझसे क्यों बात करते। मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।  
  • एसआईटी: इस मामले में क्या तत्कालीन डीजीपी सुमेध सैनी ने आपसे बात की थी? 
  • सुखबीर: मुझे याद नहीं कि किसी अधिकारी ने मुझसे सीधे बात की हो। 
  • एसआईटी: घटना के समय आप कहां थे? 
  • सुखबीर: उस समय मैं शायद चंडीगढ़ में था, हालांकि पक्के तौर पर मुझे कुछ याद नहीं है। 
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