'रिहाई' गीत का पोस्टर, सुखबीर सिंह बादल।
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जेलों में बंद सिख बंदियों की रिहाई को लेकर कंवर ग्रेवाल के गीत के पक्ष में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) खड़ा हो गया है। शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने केंद्र सरकार से 'रिहाई' गीत पर लगी रोक हटाने की मांग की है। बादल ने कहा है कि कंवर ग्रेवाल ने गीत के जरिए सिख बंदियों की रिहाई की मांग कर सिख समुदाय की भावनाओं को व्यक्त किया है।
शिअद प्रधान ने शुक्रवार को कंवर ग्रेवाल द्वारा सिख बंदियों की रिहाई की मांग करने वाले एक गीत पर प्रतिबंध लगाने को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि कंवर ग्रेवाल द्वारा गाया गया गीत 'रिहाई' दुनिया भर में सिखों की भावनाओं को दर्शाता है, जो सिख बंदियों की उम्रकैद की सजा पूरी होने के बाद भी उनके निरंतर कारावास में रहने से बेहद परेशान हैं।
कंवर ग्रेवाल ने इसे उजागर करने के लिए गीत गाने के अलावा और कुछ नहीं किया है। केंद्र से फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील करते हुए सुखबीर ने कहा कि इस तरह के प्रतिबंधों से राष्ट्रों के समुदाय में भारत की गलत धारणा बन जाएगी। हमें अपने संविधान में निहित अभिव्यक्ति की आजादी का दमन नही करना चाहिए।
भारत दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में जाना जाता है, जो बदलाव का सम्मान करता है। केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि देश में यह बना रहे। जो लोकतंत्र अपने नागरिकों की अभिव्यक्ति की आजादी का सम्मान नहीं करते, वे लंबे समय तक टिके नहीं रह सकते।
केंद्र से दोनों गीतों पर शिकायतों का खुलासा करने की मांग की जाएगी
बादल ने कहा कि वे इस मुद्दे को संसद के आगामी सत्र में उठाएंगे। रिहाई गीत पर प्रतिबंध प्रसिद्ध कलाकार सिद्धू मूसेवाला के गीत एसवाईएल पर प्रतिबंध के बाद लगाया गया है, यह उन पंजाबियों की भावनाओं को भी दर्शाता है जो नही चाहते कि उनका पानी सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के माध्यम से हरियाणा को दे दिया जाए। उन्होंने कहा कि अकाली दल केंद्र से दोनों मामलों में शिकायत दर्ज किए गए मामलों में शिकायत का खुलासा करने के लिए कहेगा तथा किसने यूटयूब को भारत में दोनों गीतों पर प्रतिबंध लगाने के लिए शिकायत दर्ज करवाई है।