देर शाम दो घंटे हुई वर्चुअल बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने जिला प्रधानों से इस्तीफे के बाद बदले राजनीतिक समीकरणों का हाल जाना। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष ने जिला प्रधानों को हिदायत दी कि वह यह सुनिश्चित करें कि हर कार्यकर्ता कृषि अध्यादेश के सभी पहलुओं को लेकर गांव-गांव जाकर किसानों से रूबरू हों जिससे किसानों की बिल को लेकर गलतफहमी को दूर किया जा सके।
इस्तीफे को भुनाने में जुटी शिअद
केंद्रीय मंत्रिमंडल से सांसद हरसिमरत कौर के इस्तीफे को भुनाने में शिअद जुट गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री भी इस्तीफे के बाद सूबे में बदले सियासी समीकरणों को जानने के लिए पंजाब का दौर करेंगी। 21 सितंबर को सुबह 11 बजे बजे श्री दरबार साहिब पहुंचकर वह किसानों के हित में अरदास करेंगी। शिअद के प्रधान सुखबीर बादल और पूर्व केंद्रीय मंत्री इस दौरान वहां पहुंचने वाले दल के वरिष्ठ नेताओं से रूबरू होकर बदले समीकरणों पर चर्चा करेंगे।
कृषि अध्यादेश को अब राज्यसभा में रोकने का मौका: भगवंत मान
आम आदमी पार्टी पंजाब के अध्यक्ष व सांसद भगवंत मान ने देश के सभी राज्यसभा संसदों से आह्वान किया है कि वे मोदी सरकार की ओर से बहुमत की तानाशाही से लोकसभा में पास किए कृषि विरोधी बिलों को राज्य सभा में हरगिज पास न होने दें। भगवंत मान ने कहा कि 17 सितंबर को देश के किसान हमेशा ‘काले दिवस’ के तौर पर मनाएंगे।
आम आदमी पार्टी के तीनों राज्यसभा सदस्य लाल बटन दबाकर इन काले कानूनों का विरोध करेंगे। भगवंत मान ने कृषि विरोधी अध्यादेशों पर बादल परिवार के यू-टर्न और हरसिमरत कौर बादल के इस्तीफे को बेमाना और नाटक करार दिया। आप सांसद ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से भी स्पष्टीकरण मांगा कि उन्होंने अंदर खाते अध्यादेशों को सहमति क्यों दी।