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Punjab News: बिक्रम मजीठिया का आरोप- आप सरकार में 200 करोड़ का आबकारी घोटाला, सीबीआई जांच की मांग

Fri, 07 Apr 2023 10:41 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

बिक्रम मजीठिया ने 200 करोड़ रुपये के घोटाले के संबंध में मंत्रियों के एक समूह की रिपोर्ट और कैबिनेट द्वारा अनुमोदित दस्तावेज जारी किया। उन्होंने एक्साइज कमिश्नर का एक दस्तावेज भी जारी किया, जिन्होंने मौजूदा आबकारी नीति में कमियों के विश्लेषण के लिए एक कमेटी का गठन किया था। 
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प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते बिक्रम सिंह मजीठिया। (मध्य में) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने पंजाब आबकारी विभाग में 200 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया और दिल्ली आबकारी घोटाले की तर्ज पर सभी दोषियों को गिरफ्तार करने और घोटाले की सीबीआई जांच की मांग की। शिअद के सीनियर नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय में बुलाई बैठक में पत्रकारों के समक्ष उक्त घोटाले संबंधी दस्तावेज पेश करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान और वित्त मंत्री हरपाल चीमा पर आबकारी राजस्व में 41 फीसदी की बढ़ोतरी के दावे को झूठ बताया। 

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मजीठिया ने कहा कि यह बढ़ोतरी केवल 10.26 फीसदी थी। मजीठिया ने 200 करोड़ रुपये के घोटाले के संबंध में मंत्रियों के एक समूह की रिपोर्ट और कैबिनेट द्वारा अनुमोदित दस्तावेज जारी किया। उन्होंने एक्साइज कमिश्नर का एक दस्तावेज भी जारी किया, जिन्होंने मौजूदा आबकारी नीति में कमियों के विश्लेषण के लिए एक कमेटी का गठन किया था। 

मजीठिया ने बताया कि कमेटी ने रिपोर्ट में कहा कि एल-1 के जरिये निर्माता से खुदरा विक्रेता को छूट का लाभ नहीं दिया गया और एल-1 लाइसेंस धारक खुदरा विक्रेताओं पर अपनी शर्तें थोपने के लिए एकाधिकार का दुरुपयोग कर रहे हैं। अकाली नेता ने आरोप लगाया कि कमेटी की रिपोर्ट को मंत्रियों का एक समूह छिपाने की कोशिश कर रहा था। 
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पिछले साल एल-1 धारकों से 28 करोड़ इकट्ठे करने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने अनुमानित जमा राशि में 150 करोड़ की वृद्धि की। आप सरकार और उसके अधिकारी पिछले साल सरकारी खजाने की लूट की जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। लूट कम से कम 200 करोड़ की है और इसकी गहन जांच की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री को इस हालात के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए मजीठिया ने कहा कि मान ने आप आलाकमान के निर्देश का पालन किया और एल-1 लाइसेंसधारियों की संख्या 74 से घटाकर 7 कर दी। इससे न केवल एकाधिकार पैदा हुआ, बल्कि लाभ में 5 से 10 फीसदी की बढोतरी से एल-1 धारकों को भारी मुनाफा हुआ लेकिन उन्होंने बदले में राज्य को कुछ भी नही दिया। यह स्पष्ट है कि राज्य को नुकसान पहुंचाने के लिए आप पदाधिकारियों को रिश्वत दी गई।

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