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Chandigarh News: उसने ऐरे-गैरों को यार बना रखा है, यानि मोहब्बत को कारोबार बना रखा है...

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सेक्टर 21 में आयोजित किए गए मुशायरा में हिस्सा लेते कवि और शायर
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दीपावली की थीम पर शेर-ओ-शायरी, तालियों से गूंजा सेक्टर-21 डी
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। सेक्टर-21 डी में गुरदीप कौर गुल के निवास पर आयोजित मुशायरे में शेर-ओ-शायरी की ऐसी महफिल सजी कि हर शेर पर तालियां गूंज उठीं। मुशायरे की शुरुआत डॉ. अनीश गर्ग ने अपने खास अंदाज में की। उसने ऐरे-गैरों को यार बना रखा है, यानि मोहब्बत को कारोबार बना रखा है। इस पर खूब तालियां बजीं।

कार्यक्रम में कृष्ण कुमार तूर और केके शारदा मुख्य अतिथि रहे। दीपावली की उमंग से सराबोर इस आयोजन में एक से बढ़कर एक गजलें और कविताएं पेश की गईं। प्रेम विज ने दीपावली पर रचना प्रस्तुत की- आपका हर दिन दीप समान उज्जवल रहे, हर पल मिठास और खुशियों से भरा रहे।
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शम्स तबरेजी ने गजल सुनाई—जो ऐब की है चीज हुनर हो गई, तो फिर इस बात की किसी को खबर हो गई। वरिष्ठ गजलकार अशोक भंडारी ‘नादिर’ ने कहा-मेरा चेहरा बनाकर आईना, अपने चेहरे पर आशना है वो। डॉ. रेखा मित्तल ने दर्द को शब्दों में पिरोते हुए कहा- मैंने सोचा था मैं एक किताब लिखूंगी, जिसमें दर्द बेहिसाब लिखूंगी।

युवा शायर रमन संधू ने पंजाबी पंक्तियों से समां बांधा- मेरे विच क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार बाकी ने, बाकी ऐब छड चुका हां, चार बाकी ने।अंतरराष्ट्रीय शायर गुरदीप कौर गुल ने अपने रंगीन अंदाज में कहा- दिल का जजीरा है खाली, हसरत वाला चश्मा भेज, धनक का रंग कहीं छलका, प्यार का रंगीन तुपका भेज।
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कवि सुभाष भास्कर ने ‘मां’ पर संवेदनशील पंक्तियां रखीं- मैं औरत हां, धरती वांगू मेरा कोई नाम नहीं। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ गजलकार कृष्ण कुमार तूर ने अपनी गजल से महफिल लूटी- कौन किसकी यहां पर सुनता है, दुनिया वालों से हाल क्या कहें।
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