राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा और शमशेर सिंह दूल्लों सोमवार सुबह श्री हरमंदिर साहिब पहुंचे। इस दौरान उन्होंने नए कृषि कानून के विरुद्ध किसानों की जीत की अरदास की। बाजवा ने कहा कि परिवार द्वारा श्री हरमंदिर साहिब में रखवाए श्री अखंड पाठ साहिब के भोग में शामिल होने वह यहां आए हैं।
उन्होंने कहा कि नए कृषि कानून के विरुद्ध प्रदेश की सभी राजनीतिक पार्टियों को आपसी मतभेद भुलाकर किसानी के हित में एकजुट होकर लड़ाई लड़नी चाहिए। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इन कानून पर हस्ताक्षर कर किसानों के डेथ वारंट पर पर दस्तखत कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वैसी ही गलती की है जैसी ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ समझौता कर उसे टैक्स वसूलने के अधिकार देने की थी।
आज शहीद-ए-आजम भगत सिंह का 123वां जन्म दिवस है। इस दिन संघर्ष कर रहे किसानों को समर्थन देना बहुत महत्वपूर्ण है। किसान कोरोना और तेज गर्मी के बीच रेलवे ट्रैक पर बैठ प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। इससे पहले बाजवा ने श्री गुरु राम दास लंगर भवन में बर्तन मांजने की सेवा भी की।
दिखावा है हरसिमरत का इस्तीफा
इस दौरान अकाली दल पर तंज कसते हुए बाजवा ने कहा कि सुखबीर बादल ने एनडीए को नहीं छोड़ा, हरसिमरत कौर का मोदी कैबिनेट से इस्तीफा मात्र दिखावा है। अकाली दल किसानों को धोखा देने का प्रयास कर रहा है। किसानों के प्रदर्शन से अकाली दल को चिंता हो गई थी कि वह प्रदेश के राजनीतिक पटल पर अलग-थलग पड़ जाएगा। इस डर से सुखबीर बादल ने यह कदम उठाया है। बाजवा ने कहा कि अकाली दल प्रदेश की राजनीति में एक तमाशा बन गया है। जिन विधेयकों का समर्थन प्रकाश सिंह बादल कर रहे थे, एकाएक उनका विरोध करने पर अकाली दल क्यों मजबूर हुआ, यह हर पंजाबी जानता है।