पीजीआई के सर्जरी डिपार्टमेंट की कारगुजारी से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सर्जरी की तारीख देने के बहाने पहले मरीजों को हास्पिटल बुलाया गया, फिर उन्हें मास्टर आफ सर्जरी के फाइनल ईयर के एग्जाम में बैठा दिया गया।
एग्जाम में स्टूडेंट के सामने मरीजों को बैठाकर एग्जामनर ने अपनी प्रक्रिया पूरी की। एग्जाम खत्म होने के बाद मरीजों से कहा गया कि उन्हें आपरेशन की डेट ओपीडी से ही मिलेगी। मरीजों का कहना था कि वे दूर-दराज इलाकों से आए थे।
यदि एग्जाम में बैठाना था तो उन्हें एक बार सूचना जरूर देते, लेकिन इस तरह से बुलाना काफी शर्मनाक था। जानकारी के मुताबिक सर्जरी डिपार्टमेंट के दो दर्जन पेशेंट को सूचना दी गई कि वे वीरवार को आठ बजे विभाग पहुंचे।
साथ ही सूचना दी गई कि उनकी सर्जरी शुक्रवार को हो सकती है। ये मरीज काफी दिन से सर्जरी का इंतजार कर रहे थे। सूचना मिलते ही वे तुरंत पीजीआई पहुंच गए। वीरवार सवेरे भी उन्हें फोन किया गया।
जब मरीज सर्जरी विभाग पहुंचे तो उनका स्वागत सुबह के नाश्ते से किया गया। बाद में उनमें से पांच मरीजों को एग्जाम के लिए चुन लिया गया।
एग्जाम में बैठाया गया और उनके माध्यम से सर्जरी के फाइनल ईयर के छात्रों का व्यव्वा लिया गया। एग्जाम खत्म होते ही उन्हें वापस भेज दिया गया और कहा गया कि उनके आपरेशन की डेट ओपीडी से मिलेगी।