पंजाब म्युनिसिपल एक्ट के अनुसार कोई भी संस्कृत भाषा में शपथ नहीं ले सकता है। इस बात की जानकारी डीसी अजीत बाला जी जोशी ने शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा के नवनियुक्त पार्षद शक्तिदेव शाली को दी। वह संस्कृत में शपथ लेने के लिए उठे थे।
हालांकि देव शाली ने इसकी सूचना दो दिन पहले ही नगर निगम कमिश्नर को दे दी थी। ऐसे में शक्ति देव शाली ने पहले संस्कृत में और दूसरी बार डीसी के कहने पर हिंदी में शपथ ली। शक्तिदेव शाली भाजपा के जिला अध्यक्ष भी हैं।
रविवार को नगर निगम में हुए समारोह पर कांग्रेस के पार्षद दवेंद्र सिंह बबला ने सदन में आपत्ति भी जताते हुए अधिकारियों से पूछा कि एक्ट में इस बात का जिक्र है कि पहली मीटिंग में मेयर का चुनाव होना है।
लेकिन अगर रविवार को यह पहली बैठक है तो चुनाव होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि अगर सिर्फ शपथ ग्रहण समारोह है तो अलग बात है। इस पर अधिकारियों ने कहा कि यह सिर्फ शपथ ग्रहण समारोह है। समारोह में 26 निर्वाचित और 9 मनोनीत पार्षदों ने शपथ ली। इस दौरान सांसद किरण खेर भी समारोह में उपस्थित रही।
23 ने हिंदी में शपथ ली
35 में से 23 पार्षदों ने हिंदी में, 8 पार्षदों ने पंजाबी में और तीन ने अंग्रेजी में शपथ ली। जबकि एक ने संस्कृत और हिंदी दोनों में शपथ ली। कांग्रेस की गुरबख्श रावत, दवेंद्र सिंह बबला और भाजपा के राजेश गुप्ता ने अंग्रेजी में शपथ ली, जबकि पंजाबी में मनोनीत पार्षद चरणजीव सिंह, शिप्रा बंसल, महेश इंद्र सिद्धू, अरुण सूद, अकाली पार्षद हरदीप सिंह, रविंदर कौर गुजराल, गुरप्रीत सिंह और जगतार सिंह ने शपथ ली। अन्य ने हिंदी में शपथ ली। पहले मनोनीत पार्षदों की शपथ दिलवाई गई। इसके बाद वार्ड वाइज सभी पार्षदों की शपथ दिलवाई गई। डीसी के अलावा नगर निगम के कमिश्नर बी पुरुषार्था, एडीसी राजीव गुप्ता और सचिव मनोज खत्री भी मौजूद रहे।