चंडीगढ़। सेक्टर-16 का श्री सनातन धर्म शक्तिदल मंदिर आज जहां है वहां कभी बहुत बड़ा गड्ढा हुआ करता था। एक हजार ट्राली मिट्टी से मंदिर की जमीन समतल की गई और उसके बाद मंदिर का निर्माण शुरू हुआ। इस मंदिर के लिए जमीन का आवंटन वर्ष 1969 में हुआ। मंदिर का निर्माण 1970 से शुरू हुआ हुई। फिलहाल मंदिर कुल पांच कनाल में है। मंदिर कमेटी की प्रधान डॉ. प्रोमिला कक्कड़, महासचिव शरण कुमार और खजांची मनप्रीत सिंह ने यह जानकारी दी।
डॉ. प्रोमिला कक्कड़ ने बताया कि मंदिर में 1971 से नियमित पुजारी रखे गए। मंदिर में सबसे पहले माता दुर्गा की प्रतिमा रखी गई। शुरू-शुरू में छोटी प्रतिमा थी। अब वहां पर बड़ी प्रतिमा प्रतिष्ठित की गई है। धीरे-धीरे मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हुआ। लोगों से चंदा एकत्र कर मंदिर को भव्य रूप प्रदान किया गया।
मंदिर में दुर्गा माता, रामदरबार, राधा कृष्ण, हनुमान जी, शिवालय, शीतला माता, नवग्रह मंदिर के अलावा यज्ञशाला भी है। साधु-संतों को ठहरने के लिए कमरे भी बने हैं। सोमवार और मंगलवार को संकीर्तन और भव्य आरती होती है। मंदिर में सभी धार्मिक त्योहार धूम-धाम से मनाया जाता है।