कश्मीर सिंह ने बताया कि जब से कोरोना वायरस शुरू हुआ था तभी से उन्होंने नवजोत सिंह को घर पर ही रहने की हिदायत दी थी और नवजोत इन दिनों घर से बाहर भी नहीं निकल रहा था। इसलिए उनकी व रिश्तेदारों की प्रतिदिन दो-दो घंटे से बातचीत नवजोत से होती रहती थी। नवजोत स्वस्थ था, अचानक नवजोत की मौत ने पूरे परिवार को अंचभित कर दिया है।
शव लाने की व्यवस्था करे सरकार
नवजोत सिंह तीन सितंबर 2019 को शाहाबाद से कनाडा गया था लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि वहां उसकी मौत हो जाएगी। ऐसे में परिजन अपने बेटे की अंतिम झलक पाने के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने भारत सरकार से मांग की है कि नवजोत का शव लाने की व्यवस्था की जाए ताकि वह अपने बेटे का अंतिम बार चेहरा देख सकें और रीति अनुसार उसका संस्कार कर सकें।
पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से होगा खुल्लासा
कश्मीर सिंह ने बताया कि उन्हें फिलहाल कुछ नहीं बताया जा रहा कि उनके बेटे की मौत कैसे हुई है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा कि उनके बेटे नवजोत सिंह के साथ क्या घटना हुई थी। सारा परिवार रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहा है।
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए किया था आवेदन
नवजोत के बड़े भाई प्रभजोत सिंह ने बताया कि नवजोत सिंह ने कनाडा में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया था। उसने अपने परिजनों को बताया था कि वह जल्द कार लेने वाला है। नवजोत के निधन परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।