श्री गुरुगोविंद सिंह द्वारा रचित शबद को तोड़-मरोड़कर पेश करने वाले कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की गलती को बड़ा धार्मिक अपराध मानते हुए तख्त पटना साहब ने मजीठिया को पंथ से निष्कासित करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
तख्त हुजूर साहिब ने भी एक अन्य आदेश अलग तौर पर जारी करके मजीठिया को तनखैया घोषित कर दिया है। इस संबंध में तख्त पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह ने कहा कि मजीठिया की ओर से गुरु साहिब की वाणी के साथ जो शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश किया है
ये ना माफी करने योग्य अपराध है। इसलिए तख्त की ओर से मजीठिया को पंथ से निष्कासित किया जाता है। दूसरी ओर तख्त हुजूर साहिब के जत्थेदार जोत इंदर सिंह ने कहा कि मजीठिया मामले के संबंध में एक बैठक तख्त हुजूर साहिब के ऊपर ज्ञानी कुलवंत सिंह के नेतृत्व में आयोजित की गई है।
इस बैठक में प्रस्ताव पास करके मजीठिया को तनखैया घोषित कर दिया है। इस मुद्दे पर अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरवचन सिंह ने कहा कि मजीठिया का माफीनामा उनके पास पहुंचा है। इस माफीनामे पर वो पांच सिंह साहिबानों की बैठक में विचार करेंगे।