एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी।
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अजनाला थाने पर हमले के बाद प्रदेश भर में हुई गिरफ्तारियों के संदर्भ में सोमवार को श्री अकाल तख्त साहिब पर हुई 60 सिख संगठनों की बैठक में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि एसजीपीसी उन सभी सिख युवाओं को निशुल्क कानूनी मदद देगी, जिनके खिलाफ सरकार और पुलिस ने मामले दर्ज किए हैं। इसके लिए पैनल में वकीलों की संख्या बढ़ाई जाएगी। प्रभावित परिवार इसके लिए एसजीपीसी के साथ संपर्क कर सकते हैं। यह बैठक श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने बुलाई थी।
राजनीतिक पार्टियों को रखा दूर
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह की तरफ से बुलाई गई इस बैठक में किसी भी राजनीतिक दल के प्रतिनिधि को नहीं बुलाया गया था। ज्ञानी हरप्रीत ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों को बुलाने से बैठक का राजनीतिकरण हो जाता है, जो ठीक नहीं है। इसमें सिर्फ सिख संगठनों के प्रतिनिधियों को ही न्योता भेजा गया था। हर संगठन के प्रतिनिधि को सिर्फ दो मिनट बोलने का समय दिया गया। उनसे सुझाव भी लिए गए।
रखीं ये मांगे
- हरिके क्षेत्र से पुलिस ने जो वाहन जब्त किए हैं, उनको वापस किया जाए। जिन लोगों ने वाहनों में तोड़फोड़ की है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
- जिन खालसा निशानों के संबंध में पुलिस ने गलत प्रचार किया है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
- सरकार सिख पत्रकारों को धमकाना बंद करे। बंद किए गए सोशल मीडिया अकाउंट और चैनल तुरंत चालू किए जाएं।
फैसले
- सारी सिख कौम अपने घरों की छत पर उन निशान साहिब को फहराए, जिनके बारे में पुलिस ने दुष्प्रचार किया।
- युवाओं के अंदर धर्म प्रचार लहर पैदा करने व उनको अमृतपान करवाने के लिए श्री अकाल तख्त साहिब से वहीर (धार्मिक जुलूस) का आयोजन किया जाएगा।
- जिन चैनलों ने सिखों के खिलाफ नफरत फैलाई है, उनके खिलाफ दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और एसजीपीसी कानूनी कार्रवाई शुरू करे।
- जो लोग हिंदू राष्ट्र की बात कर रहे हैं, सरकार उनके ऊपर भी एनएसए लागू करे, सरकार की कूटनीति का जवाब कूटनीति से दिया जाए।