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पंजाब : सिख पंथ से निष्कासित पूर्व मंत्री ने करवाया अखंड पाठ, गुरुद्वारा मैनेजर और ग्रंथी सस्पेंड

Tue, 22 Dec 2020 03:19 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहगढ़ साहिब (पंजाब)
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गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में अरदास में शामिल सुच्चा सिंह लंगाह ‘श्री चवर साहिब’ झुलाते हुए। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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सिख पंथ से निष्कासित किए गए पूर्व मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह ने गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब के भोरा साहिब में श्री अखंड पाठ साहिब का भोग डाला। इसके बाद सुच्चा सिंह लंगाह ने समाप्ति अरदास पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब पर ‘श्री चवर साहिब’ भी झुलाई। इसकी फोटो और वीडियो श्री अकाल तख्त साहिब तक पहुंच गई। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए श्री अकाल तख्त साहिब के दफ्तर से शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रमुख सचिव ने गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब के मैनेजर और ग्रंथी सिंहों पर कार्रवाई करने का पत्र जारी कर दिया।

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इसके बाद एसजीपीसी ने गुरुद्वारा फतेहगढ़ साहिब के मैनेजर कर्म सिंह और संबंधित ग्रंथी सिंहों को सस्पेंड कर दिया। श्री अकाल तख्त साहिब की तरफ से जारी पत्र में लिखा है कि सुच्चा सिंह लंगाह को पंथ से निष्कासित किया जा चुका है। इसके बावजूद मैनेजर और ग्रंथी सिंहों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की मौजूदगी में श्री अखंड पाठ साहिब करवाने की मंजूरी देकर ‘शर्मनाक गलती’ की है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।


शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की प्रधान बीबी जागीर कौर ने बताया कि पंथ से निष्कासित किए गए सुच्चा सिंह लंगाह की ओर से गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में श्री अखंड पाठ साहिब करवाने और उन्हें सिरोपा भेंट करने के आरोप में गुरुद्वारा साहिब के मैनेजर और संबंधित ग्रंथी सिंहों को संस्था से सस्पेंड कर दिया गया है।
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जागीर कौर ने कहा कि पंथ से निष्कासित लंगाह का साथ देने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। मामला सामने आने के बाद एसजीपीसी की प्रधान बीबी जागीर कौर ने मैनेजर और ग्रंथी सिंहों को सस्पेंड करने के साथ-साथ मामले की जांच फ्लाइंग कमेटी को सौंप दी है। बीबी जागीर कौर ने कहा कि जांच रिपोर्ट में अगर कोई अन्य मुलाजिम दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में पहली जिम्मेदारी गुरुद्वारा साहिब के मैनेजर की है। इसके साथ ही ग्रंथी सिंह भी जिम्मेदार हैं।

बता दें कि सुच्चा सिंह लंगाह का 2018 में एक महिला के साथ अश्लील वीडियो वायरल हुआ था, जिस पर काफी बवाल मचा था। इस पर संज्ञान लेते हुए श्री अकाल तख्त साहिब ने लंगाह को पंथ से निष्कासित कर दिया था।

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