एसजीपीसी के प्रधान किरपाल सिंह बडूंगर
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एसजीपीसी के प्रधान प्रोफेसर किरपाल सिंह बंडूगर का कहना है कि स्वर्ण मंदिर में तलवारें लहराने वाले हुल्लड़बाजी करने वाले सिख विरोधी हैं। सिख कौम अपने धर्म की मर्यादा का सदैव ध्यान रखती है। सिख कौम ने धर्म के लिए कुर्बानियां दी हैं। गुरुओं के बताए रास्ते पर सिख कौम एकजुट होकर चल रही है, कुछ कौम विरोधी ताकतें हैं, जिनके हाथों के खिलौने बनकर चंद लोग सिख होते हुए कौम विरोधी काम कर रहे हैं, ऐसे लोगों को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) सावधान करती है।
प्रेस को जारी बयान में प्रोफेसर बंडूगर ने कहा कि पंजाब भर में सिख विरोधी ताकतें सिख कौम के खिलाफ षडयंत्र रच रही हैं। जिनके मंसूबे कामयाब नहीं होने देंगे। आपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर स्वर्ण मंदिर में हुल्लड़बाजी पर प्रोफेसर बंडूगर ने निशाना साधते हुए कहा कि सिख कौम अपने धर्म की रक्षा करना जानती है। एक मंच से सिख कौम को हुक्मनामा श्री अकाल तख्त साहिब से जारी होता है, जो लोग श्री अकाल तख्त साहिब से जारी फरमान नहीं मानते, उन्हें कौम कभी सिख स्वीकार ही नहीं कर सकती।
उल्लेखनीय है कि श्री अकाल तख्त साहिब से छह जून को जारी हुए हुक्मनामा को सरबत खालसा के मनोनीत जत्थेदार भाई ध्यान सिंह मंड ने अस्वीकार करते हुए कहा था कि वह जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह को जत्थेदार ही नहीं मानते है। उनकी ओर से जारी किया गया हुक्मनामा वह क्यों माने, हां सिख होने के नाते वो श्री अकाल तख्त साहिब का सम्मान करते हैं, वहां से अगर जत्थेदार गुरबचन सिंह के अतिरिक्त अगर श्री दरबार साहिब के मुख्य ग्रंथी हुक्मनामा जारी करते तो उन्हें स्वीकार होता।
एसजीपीसी चुनाव कब होंगे - जत्थेदार मंड
सरबत खालसा के मनोनीत श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार भाई ध्यान सिंह मंड कहते हैं कि एसजीपीसी के चुनाव कब होंगे, कब तक एसजीपीसी पर सियासी कब्जा रहेगा। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी केवल बादल परिवार के लिए काम करती है। जत्थेदार और एसजीपीसी प्रधान केवल सियासी बोल बोलते हैं। एसजीपीसी चुनाव को लेकर वो एसजीपीसी मेंबरों से संपर्क साध कर जल्द चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं।