शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) को दायरे में रहने को कहे। जो भी तत्व अल्पसंख्यकों को दबाने का प्रयास कर रहे हैं, उन पर नकेल कसी जाए, ताकि देश में हर धर्म के लोगों के धार्मिक अधिकार सुरक्षित रह सके।
एसजीपीसी की साधारण सभा की ओर से बजट अधिवेशन में पारित किए 23 प्रस्तावों में से 20 नंबर का यह प्रस्ताव दो दिन के बाद चर्चा में आया। इस प्रस्ताव में कहा गया कि देश एक बहुधर्मी, बहुभाषी व बहुवर्गीय आधार पर सदियों से रह रहा है। हर धर्म के लोगों को संविधान में एक समान अधिकार दिए गए हैं। दु:ख का विषय है कि आरएसएस दूसरे धर्मों विशेष कर अल्पसंख्यकों की आजादी छीनकर देश को हिंदू राष्ट्र बनाने की कोशिश कर रही है।
गुरुद्वारा गुरु के महल से गुरुबाणी का सीधा प्रसारण शुरू
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के जन्म स्थान गुरुद्वारा गुरु के महल से गुरुबाणी के सीधे प्रसारण की शुरुआत कर दी है। सचखंड श्री हरमंदिर साहिब से गुरुबाणी का सीधा प्रसारण करने वाला एक निजी टीवी चैनल अब गुरु के महल से भी सुबह 10 से 12 बजे तक रोजाना सीधा प्रसारण करेगा। यह प्रसारण मुख्य समागम के दिन एक मई तक किया जाएगा। सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के दो हजूरी रागी जत्थे प्रतिदिन संगत को गुरुबाणी के साथ जोड़ेंगे।
गुरुबाणी प्रसारण शुरू करने से पहले श्री आनंद साहिब के पाठ के बाद भाई राजदीप सिंह की ओर से अरदास की गई। हुकुमनामा श्री दरबार साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह ने श्रवण करवाया। ज्ञानी जगतार सिंह ने संगत को श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के इतिहास के बारे में जानकारी दी। उन्होंने संगत से अपील की है कि वह एक मई को आयोजित मुख्य समागम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
संगत को गुरु साहिबान के साथ जुड़े ऐतिहासिक स्थानों से जोड़ने के लिए गुरुबाणी कीर्तन का सीधा प्रसारण शुरू किया गया है। सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में नतमस्तक होने वाली संगत श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के जन्म स्थान में भी माथा टेकने के लिए पहुंचे। समागम के दौरान श्री हरमंदिर साहिब के हजूरी रागी भाई कमलजीत सिंह व भाई जबरतोड़ सिंह ने संगत को गुरबाणी कीर्तन के साथ जोड़ा।