शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने कहा कि वह पाकिस्तान गुरुद्वारा कमेटी और अकाफ बोर्ड के अधिकारियों के साथ श्री गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व के आयोजन पर बातचीत करने के लिए 13 जनवरी को दोबारा पाकिस्तान जाएंगे। इस दौरान उन्होंने खालिस्तान समर्थक गोपाल चावाल की फोटो पर अपनी बात भी रखी।
उन्होंने कहा कि ननकाना साहिब में 550वें प्रकाश पर्व के समागम तीन महीने तक चलें, इस पर पाकिस्तान कमेटी के अध्यक्ष तारा सिंह ने अपनी सहमति दे दी है। प्रकाश पर्व पर देश-विदेश से ननकाना साहिब आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक टेंट सिटी की स्थापना की जाए, उनके इस आग्रह को भी स्वीकार कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि 550वें प्रकाश पर्व के समागमों का आयोजन करने के लिए एसजीपीसी और पीएसजीपीसी एक संयुक्त कमेटी का गठन करेगी। पाकिस्तान स्थित सभी गुरुद्वारा साहिब में 550वें प्रकाश पर्व पर कीर्तन दरबार सजे, इसके लिए शिरोमणि कमेटी पाकिस्तान कमेटी को रागी सिंह और ग्रंथी सिंह भेजेगी।
शुक्रवार को वतन लौटे लौंगोवाल ने कहा कि उनकी अकाफ बोर्ड के अधिकारी तारिक वजीर खान, इमरान गोदल और फरआस अब्बास के साथ लाहौर में बातचीत हुई है।
प्रकाश पर्व पर गुरुद्वारा सुल्तानपुर लोधी साहिब से श्री ननकाना साहिब तक एक विशाल नगर कीर्तन निकाला जाएगा। पाकिस्तान में भी प्रकाश पर्व की तैयारियां चल रही हैं।
पाकिस्तानी अधिकारियों ने जहां सीट अलॉट की वहीं बैठा
लौंगोवाल ने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर निर्माण के नींव पत्थर कार्यक्रम में वह पाकिस्तान सरकार के अतिथि थे। पाकिस्तान के अधिकारियों ने जहां उन्हें सीट अलॉट की थी वे वहीं बैठे थे। उनके साथ गोपाल चावला कब बैठ गए, उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर का नींव पत्थर का कार्यक्रम धार्मिक था।
इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सिद्धू का नाम लिए बिना कहा कि किसी व्यक्ति विशेष के कारण कॉरिडोर नहीं बना। बाबा नानक की रहमत से बनेगा। बल्ले बल्ले श्री गुरु नानक जी की है, न कि किसी शख्स की। फोटो का विवाद राजनीति से प्रेरित है।