उन्होंने कहा कि आज कार्यकारिणी कमेटी के पदाधिकारियों से इस संबंध में चर्चा हुई है। इसके अनुसार एक फरवरी को दोपहर 12 बजे श्री अमृतसर में आम इजलास बुलाने का निर्णय लिया गया है। इस विशेष बैठक के दौरान सदस्यों की राय ली जाएगी जबकि उससे पहले सभी सदस्यों को जांच रिपोर्ट और साक्ष्यों का विवरण भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट और पुलिस पर लगे आरोपों को साबित करने वाले सभी साक्ष्यों को प्रचार जत्थों के माध्यम से गांव स्तर तक पहुंचाया जाएगा।
धामी ने प्रो. देविंदरपाल सिंह भुल्लर के मामले में आप द्वारा अपनाई जा रही सिख विरोधी नीति की भी कड़ी आलोचना की। कहा कि दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने पहले प्रो. भुल्लर की रिहाई को लेकर फाइल कई बार आगे बढ़ाई गई लेकिन अब रिव्यू बोर्ड की ताजा बैठक के दौरान इसे खारिज कर यह साबित कर दिया गया है कि उनका एजेंडा कभी भी सिख मुद्दों के प्रति सकारात्मक नहीं रहा है।
उन्होंने कहा कि अब केजरीवाल का चेहरा पूरी तरह बेनकाब हो गया है। उन्होंने पंजाब सरकार की सिख विरोधी मंशा के बारे में बात करते हुए कहा कि सरकार ने ढाई साल बाद भी डेरा सिरसा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ बेअदबी के मामले में मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं दी। उन्होंने हरियाणा सरकार द्वारा गुरमीत राम रहीम को बार-बार पैरोल दिए जाने पर सवाल उठाए।
धामी ने कहा कि न्याय एकतरफा नहीं होना चाहिए, बल्कि बंदी सिंहों के लिए सरकार को समान नीति रखनी चाहिए। धामी ने शिरोमणि कमेटी के सभी सदस्यों, पंथक संगठनों और संगतों से शिरोमणि कमेटी के लिए अधिक से अधिक वोट बनाने की अपील भी की ताकि पंथक संगठनों में घुसपैठ की रणनीति को रोका जा सके।