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‘नानक शाह फकीर’ को चलने नहीं देंगेः एसजीपीसी

Wed, 08 Apr 2015 01:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने केंद्र सरकार से फिल्म ‘नानक शाह फकीर’ पर पाबंदी की मांग की है। कमेटी की अंतरिम कमेटी की मंगलवार को यहां हुई बैठक में कहा गया कि फिल्म में गुरु साहिब और उनके परिवार के बारे में निभाई गई भूमिका सिख परंपराओं के विपरीत है।
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एसजीपीसी अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने कहा कि कमेटी केंद्र सरकार सहित सेंसर बोर्ड से मांग करती है कि फिल्म पर तुरंत पाबंदी लगाई जाए। बैठक में कहा गया कि यदि भविष्य में किसी को सिख धर्म से संबंधित कोई धार्मिक फिल्म बनानी हो तो उसकी स्क्रिप्ट पहले एसजीपीसी को दिखाई जाए। फिर फिल्म बनने के बाद रिलीज होने से पहले भी इसे कमेटी को दिखाया जाए।

एसजीपीसी की मंजूरी के बाद ही इसे रिलीज किया जाए। केंद्र सरकार से मांग की गई कि सेंसर बोर्ड में सिखों का प्रतिनिधित्व कायम करने के लिए एसजीपीसी के दो प्रतिनिधियों को जगह दी जाए। बैठक में यह भी कहा गया कि सोशल मीडिया पर कुछ शरारती तत्व सिखों को अलगाववादी और आतंकवादी करार देने की कोशिश कर रहे हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। भारत तथा अन्य देशों की सरकारों से एसजीपीसी ने मांग की कि इस पर तुरंत पाबंदी लगाई जाए।
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तारा सिंह की नियुक्ति का विरोध

महाराष्ट्र सरकार की ओर से तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब, नांदेड़ के बोर्ड का अध्यक्ष तारा सिंह को बनाए जाने का भी एसजीपीसी ने विरोध किया। इसे नियमों के विपरीत बताते हुए कमेटी के सदस्यों ने कहा कि बोर्ड का अध्यक्ष चुने गए प्रतिनिधियों में से ही किसी को बनाया जाना चाहिए था। भाजपा विधायक तारा सिंह को इस पद पर नियुक्त कर महाराष्ट्र सरकार ने सिखों के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप किया है। ऐसा बंद होना चाहिए।

दंगों की गवाह को आर्थिक सहायता
1984 के दंगों की मुख्य गवाह जगदीश कौर के इलाज पर हुए खर्च के संबंध में 50 हजार रुपये उन्हें देने का निर्णय भी बैठक में किया गया। इसके अलावा कई अन्य जरूरतमंदों को भी आर्थिक सहायता देने के बारे में फैसला लिया गया।

श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 170 पावन स्वरूप बैंकाक भेजने को मंजूरी
श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 170 पावन स्वरूप बैंकाक भेजने को भी बैठक में मंजूरी दी गई। यह निर्णय जेएस उप्पल, टेंपलस्टोव विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया की मांग पर लिया गया।
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