हरियाणा कैडर के आईएएस अधिकारी एसएन रॉय के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाने वाली पंचकूला निवासी महिला की आपराधिक शिकायत खारिज होने के बाद उसने जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि निचली अदालत ने तथ्यों को जांचे बिना उनकी शिकायत को रद्द कर दिया। सत्र न्यायाधीश इस अर्जी पर सुनवाई करेंगे। बता दें कि 15 दिसंबर को ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट ने महिला की अर्जी को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया था।
हरियाणा कैडर के 1987 बैच के आईएएस अधिकारी एसएन रॉय के खिलाफ पंचकूला निवासी महिला ने यौन शोषण और धमकाने की शिकायत दायर की थी। इससे पहले पीड़िता की सीआरपीसी 156 (3) के तहत दायर अर्जी भी इसी कोर्ट ने खारिज कर दी थी।
इसमें उसने कोर्ट से एसएन रॉय और उनके ड्राइवर तकदीर सिंह के खिलाफ दुष्कर्म, अपहरण, धमकाने और आपराधिक साजिश के तहत संबंधित धाराओं में केस दर्ज करने के लिए पुलिस को आदेश देने की अपील की थी।
पीड़िता के वकील के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत रेप के मामले में विक्टिम की शिकायत पर पुलिस को फौरन केस दर्ज करना होता है। साथ ही आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी करनी होती है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ। शिकायत देने के महीनों बाद भी केस दर्ज नहीं हुआ।
यह है मामला
पंचकूला निवासी महिला ने शिकायत में बताया था कि उक्त अधिकारी से उसकी बातचीत लंबे अरसे से थी। आरोप के अनुसार अधिकारी लंबे समय से उसे शादी का झांसा देकर गुमराह कर रहा था। महिला ने कहा था कि वह सोनीपत निवासी सुरेंद्र पंवार के जरिए 2008 में रॉय से मिली थी। उस समय उसका पति से तलाक का केस चल रहा था। रॉय ने उसकी इस केस में मदद की थी। राय ने उन्हें कहा था कि वह तलाकशुदा हैं। इसलिए उससे उन्हें शादी करने में कोई परेशानी भी नहीं होगी। पीड़िता का यह भी आरोप था कि उसका दो बार गर्भपात भी करवाया गया था। पीड़िता के मुताबिक रॉय बाद में शादी से मुकर गए और उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी थी। पीड़िता ने पिछले साल अप्रैल में भी आईजी, हरियाणा के गवर्नर और सेक्टर-19 के थाने में शिकायत दी थी।