महिला खिलाड़ियों के यौन शोषण के कई मामले सामने आने पर सरकार गंभीर हो गई है। इसे रोकने के लिए विशेष कवायद की जाएगी। अब खेलों में योग का सहारा लिया जाएगा, वहीं सभी खिलाड़ियों को भावनात्मक रूप से विकसित करने के लिए विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। केवल यहीं तक सीमित नहीं रहा जाएगा, बल्कि साई में महिला वार्डनों को अलग से नियुक्त किया जाएगा और किसी तरह की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी होगा।
यह अभी साई के केंद्रों के लिए किया जा रहा है और जल्द ही खेल संघों के पदाधिकारियों से मीटिंग करके उनसे भी योग को अनिवार्य करने पर बातचीत होगी। साई के केरल स्थित केंद्र में महिला खिलाड़ियों के आत्महत्या करने के बाद यौन शोषण का मामला भी सामने आया था। यह मामला नया नहीं है, इस तरह के मामले अन्य केंद्रों में भी सामने आ चुके हैं।
इसके बाद केंद्रीय खेल मंत्री सर्बानंद सोनोवाल की ओर से प्लान तैयार कराया गया है कि साई के केंद्रों में रहने वाले सभी खिलाड़ियों को प्रेक्टिस से पहले सुबह योग करना होगा। इससे उनकी मानसिकता में बदलाव आएगा। इसके साथ ही योग प्रशिक्षक सभी खिलाड़ियों को भावनात्मक रूप से विकसित करने के लिए विशेष ट्रेनिंग भी देंगे। यौन शोषण रोकने के लिए केवल योग ही सहारा नहीं बनेगा, बल्कि केंद्रों में महिला वार्डन को हमेशा नजर बनाए रखने के लिए तैनात किया जाएगा। खिलाड़ियों के किसी भी तरह की शिकायत करने को हेल्पलाइन नंबर भी जारी होगा।
जिस पर केंद्रों के अंदर से फोन करके शिकायत करने से तुरंत कार्रवाई होगी। हालांकि खेल संघों के पदाधिकारियों से भी इसको लेकर बातचीत हो रही है कि साई के केंद्रों से बाहर रहने वाले खिलाड़ियों के लिए भी योग को अनिवार्य किया जाए। क्योंकि साई केंद्रों के बाहर भी खिलाड़ियों के यौन शोषण के मामले सामने आए हैं। यौन शोषण के मामलों की रोकथाम में योग और अन्य योजनाएं कितनी प्रभावी होती हैं, यह इसके शुरू होने के बाद ही पता लगेगा।
साई के केंद्रों में योग को शुरू कराने के लिए कहा जा रहा है और यह जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए पूरी कार्रवाई मंत्रालय और साई मुख्यालय से चल रही है, इसलिए अभी ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है। यह जरूर है कि कई केंद्रों में इस पर काम शुरू कर दिया गया है।
- सतीश सरहदी, सीओओ साई