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हरियाणा: बेटियों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी, क्राइम में भी इजाफा

Mon, 15 Jan 2018 10:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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वर्ष 2017 में और बढ़ी बेटियों की संख्या - फोटो : File Photo
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हरियाणा प्रदेश यह समझना लगा है कि बेटों की तरह बेटियां भी बहुत जरूरी हैं। इसका नतीजा यह रहा कि प्रदेश में वर्ष 2017 में अपेक्षाकृत बेटियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2017 में हरियाणा में 1000 बेटों के पीछे  914 बेटियां दर्ज की गई हैं।
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इसको लेकर ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान पर फोकस कर रही हरियाणा सरकार बेहद उत्साहित है, वहीं सीएम मनोहर लाल का दावा है कि भविष्य में इस लिंगानुपात में अभी और सुधार होगा। उनके अनुसार लिंगानुपात सुधार की यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2015 में पानीपत से शुरू किए गए ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान का ही नतीजा है। जिसे सरकार गंभीरता और दृढ़ता के साथ आगे बढ़ा रही है।

तीन साल में ऐसे सुधरा लिंगानुपात
हरियाणा में ऐसा पहली बार हुआ है जब लिंग अनुपात में एक बड़े पैमाने पर सुधार हुआ है। राज्य ने वर्ष 2017 में 1000 लड़कों पर 914 लड़कियों का सर्वोच्च लिंग अनुपात दर्ज किया है, जबकि यह लिंग अनुपात वर्ष 2016 में 900 और वर्ष 2015 में 876 था। इस दौरान सूबे के 17 जिलों ने 900 से अधिक के  बेटी जन्म पर लिंग अनुपात के आंकड़े को हासिल किया है, जबकि अन्य जिले भी वर्ष 2017 में 880 के आंकड़े से नीचे नहीं रहे।
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वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार राज्य में लिंग अनुपात की स्थिति बेहद चिंताजनक थी। 1000 लड़कों पर 834 लड़कियां थी। मगर वर्ष 2017 में ये सुधार अभी तक अपने सर्वोच्च स्तर पर है। जनवरी 2017 से दिसंबर 2017 के दौरान प्रदेश में जन्मे 5,09,290 बच्चों में से 2,66,064 लड़के और 2,43,226 लड़कियां हैै। इस दौरान पानीपत 945 के आंकड़े के साथ सर्वोच्च स्थान पर रहा। इसके अलावा यमुनानगर में यह आंकड़ा 943 का रहा। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार महेन्द्रगढ़, रेवाड़ी, सोनीपत और झज्जर जिलों में शिशु लिंग अनुपात 800 से नीचे था, लेकिन इनमें भी काफी सुधार हुआ है।
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17 साल में यू सुधरा हरियाणा का लिंगानुपात

वर्ष 2017 में और बढ़ी बेटियों की संख्या
भ्रूण हत्या वालों के खिलाफ भी हुई कार्रवाई
 इस दौरान वर्ष 2017 में कन्या भ्रूण हत्या में लिप्त डाक्टरों, एजेंटों व अन्य लोगों के खिलाफ भी सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। कई जगह छापेमारी कर इस गोरखधंधे में लिप्त  रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इसके अलावा, अवैध रूप से प्रयोग किये गए पोटेज़्बल, अल्ट्रासाउंड मशीनों को कब्जे में लिया गया। पड़ोसी राज्यों और हरियाणा में 126  छापे मारे गए और अपराधियों के विरुद्ध पीसी-पीएनडीटी/एमटीपी अधिनियम के तहत लगभग 550 एफआईआर दर्ज करवाई गई। इसके अतिरिक्त, पिछले दो वर्षों के दौरान बिना किसी प्रेसक्रिप्शन के गर्भपात के लिए एमटीपी किट्स के अवैध उपयोग सहित अवैध गर्भपात करवाने के सम्बंध में एमटीपी कानून के तहत 200 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई।

17 साल में यू सुधरा हरियाणा का लिंगानुपात
साल         1000 बेटों के पीछे बेटियों की संख्या
वर्ष 2000                792
वर्ष 2001                789
वर्ष 2002                829
वर्ष 2003                814
वर्ष 2004                796
वर्ष 2005                827
वर्ष 2006                857
वर्ष 2007                860
वर्ष 2008                854
वर्ष 2009                853
वर्ष 2010                838
वर्ष 2011                833
वर्ष 2012                832
वर्ष 2013                868
वर्ष 2014                871
वर्ष 2015                876
वर्ष 2016                900
वर्ष 2017                914
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