किशोर अवस्था (टीनएज) के दौरान होने वाले बदलाव काफी महत्वपूर्ण हैं। हर युवक-युवती को इस पड़ाव से गुजरना पड़ता है। इस दौरान कुछ ऐसे बदलाव होते हैं। जिसके बारे में युवक गलत फहमियां पाल लेते हैं। नतीजन वे परेशानी से घिर जाते हैं।
शर्म के कारण वे बाहर निकलने के बजाय इसमें फंसते जाते हैं। यूटी प्रशासन ने किशोरावस्था को बहुत गंभीरता से लिया है। युवाओं में सेक्स से संबंधित भ्रांतियां व उससे होने वाली बीमारियों के बारे में युवाओं को जागरूक करने का फैसला किया है।
मंगलवार को एडवाइजर विजय कुमार देव ने नेशनल हेल्थ मिशन के किशोरावस्था के वेब पेज (http://nrhmchd.gov.in/adolescent1.htm) को लांच किया।
इसमें किशोरावस्था के बारे में, उम्र में होने वाले बदलाव, इस उम्र की महत्वा, सोशल बदलाव और सेक्स से संबंधित चेंज के बारे में बहुत ही विस्तार से जानकारी दी गई है। 14 पन्नों के पेज को पूरी तरह से युवाओं को समर्पित किया गया है।
मासिक धर्म की किस स्टेज पर जाएं डॉक्टर के पास
किशोरावस्था के दौरान युवतियों में सबसे बड़ा बदलाव मासिक धर्म का होता है। जीएमसीएच-32 के कम्युनिटी मेडिसिन डिपार्टमेंट की इसी साल प्रकाशित एक रिसर्च बताती है कि 50 प्रतिशत युवतियां मासिक धर्म के दौरान डिप्रेशन में चली जाती हैं। वे इस बारे में अपनी मां व दोस्तों से बात करती हैं, लेकिन फिर भी उन्हें सही जानकारी नहीं मिल पाती।
कुछ युवतियां तो इस दौरान अपने आपको अपराध बोध समझने लगती है। हाइजिन का वह ध्यान नहीं रख पाती हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि दर्द होने पर वे डॉक्टर के पास जाने के बजाय अपनी तरफ से ही पेनकिलर खा लेती हैं।
मंगलवार को लांच वेब पेज में मासिक धर्म से संबंधित एक-एक बात को विस्तार से बताया गया है। युवतियों को किस स्टेज पर डॉक्टर के पास जाना चाहिए, इस बारे में लक्षण सहित जानकारी दी गई है।
एनीमिया व सेक्सुअल बीमारियों के बारे में बताया
एनएचआरएम की वेबसाइट पर एनीमिया के बारे में भी जानकारी दी है। इसमें बताया है कि अक्सर युवतियां इस उम्र में इस बीमारी से पीड़ित हो जाती हैं। कई बार एनीमिया की वजह से जान भी चली जाती है। वेबसाइट में एनीमिया की वजह, उसके लक्षण और उसे रोकने के लिए उपाय भी बताए हैं। इसके अलावा रीप्रोडक्टिव ट्रैक्ट इनफेक्शन व सेक्सुअली ट्रांसमीटेड इंफेक्शन के बारे में भी जानकारी दी गई है।
सेक्स संबंधी मिथ को दूर किया
पेज के आखिरी में इस उम्र में नौजवानों से संबंधित मिथ को दूर करने का प्रयास किया गया है। इसमें प्रश्न-उत्तर का एक पेज हैं। जिसमें उन प्रश्नों के जवाब दिया गया है, जो अक्सर युवाओं के मन में रहता है। यह जवाब बहुत ही साइंटिफिक तरीके से दिए गए हैं। युवाओं के लिए ये जानकारियां बहुत ही उपयोगी साबित होंगी। आखिरी में एक नंबर भी दिया गया है। जिसमें बताया गया है कि वे 0172-2710644 पर कॉल कर अन्य जानकारी भी हासिल कर सकते हैं।
कुष्ठ रोग पर चिंता जाहिर की
चंडीगढ़ में बढ़ रहे कुष्ठ रोग पर एडवाइजर ने चिंता जाहिर की है। उन्होंने नेशनल हेल्थ मिशन को कुष्ठ रोग वाले इलाकों में फिर से सर्वे के निर्देश दिए हैं। ताकि इसे रोका जा सके। इस मौके पर सारंगपुर में अल्टरनेटिव मेडिकल यूनिट स्थापित करने के भी निर्देश दिए हैं। ताकि ग्रामीणों को घर के पास ही अच्छी सुविधा मिल सके।