इसके बाद बरगाड़ी में अरदास कर रहे लोगों पर पुलिस की लाठियां चलवाई। शिअद-भाजपा सरकार में दो साल बेअदबी की घटनाएं होने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। जस्टिस जोरा सिंह आयोग की रिपोर्ट पर कोई अमल नहीं किया गया। जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट विधानसभा में पेश की गई, लेकिन शिअद उसका सामना करने से भागती रही। उन्होंने कहा कि सुखदेव सिंह ढींढसा ने इस लड़ाई की शुरुआत की थी और अब हम यह लड़ाई खुल कर लड़ेंगे।
84 के दंगों के संबंध में अकाली दल की ओर से किए जा रहे रोष प्रदर्शन के बारे में नेताओं ने कहा कि कभी सिलेबस और अब 1984 दंगे, यह सब अकाली दल दिखावे के लिए कर रहा है। जबकि हकीकत यह है कि जब पार्टी सत्ता में थी तो अकाली दल की ओर से नवंबर महीने में कबड्डी कप आयोजित करवाए जाते थे जिसमें अभिनेत्रियों प्रियंका चोपड़ा और कैटरीना कैफ को बुलाया जाता था।
वर्करों की ओर से लगाए जाने वाले आरोपों पर उन्होंने कहा कि टकसाली नेताओं ने प्रकाश सिंह बादल को मुख्यमंत्री बनाया। मंत्री पद के वह हकदार थे। आतंकवाद के समय तो सुखबीर बादल को अमेरिका भेज दिया गया था। अब वह अकाली दल की अगुवाई कर रहे हैं, जिन्हें अकाली दल के बारे में कुछ भी पता नहीं है।